रायपुर: बलौदाबाजार-भाटापारा जिले से कुपोषण को जड़ से मिटाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा एक अनूठी पहल की शुरुआत की गई है। राज्य के राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने शुक्रवार को नगर भवन बलौदाबाजार में आयोजित कार्यक्रम में सुपोषित बचपन अभियान का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने स्वयं बच्चों को पौष्टिक लड्डू खिलाकर उन्हें कुपोषण से लड़ने और मजबूत बनने के लिए प्रोत्साहित किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने जिला प्रशासन के इस प्रयास की सराहना की। उन्होंने कहा कि बच्चों में कुपोषण दूर करने के लिए एक बेहद सकारात्मक सोच के साथ इस अभियान की शुरुआत हुई है। यदि हमारे बच्चे स्वस्थ रहेंगे, तभी देश का भविष्य भी मजबूत होगा। इस विशेष पौष्टिक लड्डू में कई तरह के उच्च पोषक तत्व शामिल हैं, जो बच्चों के स्वास्थ्य में तेजी से सुधार लाएंगे। मंत्री श्री वर्मा ने माता-पिता की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि बच्चों को शारीरिक रूप से स्वस्थ रखने के साथ-साथ मानसिक विकास के लिए अच्छे संस्कार देना भी जरूरी है। उन्होंने माताओं से अपील की कि वे बच्चों को प्रेम के साथ अनुशासन भी सिखाएं और उन्हें देश का एक अच्छा नागरिक बनाएं।

कलेक्टर ने कार्यक्रम में अभियान की विस्तृत रूपरेखा साझा की। उन्होंने कहा कि जिले के 1626 आंगनबाड़ी केंद्रों में से 1500 केंद्रों के लगभग 9000 बच्चे गंभीर एवं मध्यम कुपोषित चिन्हित किए गए हैं। इन सभी बच्चों को आगामी 6 माह के भीतर सुपोषित करने का लक्ष्य रखा गया है। अभियान के तहत इन बच्चों को सप्ताह में 6 दिन, प्रतिदिन सुबह 10 बजे आंगनबाड़ी केंद्र में सहायिका द्वारा एक-एक पौष्टिक लड्डू खिलाया जाएगा। इन लड्डुओं का निर्माण स्थानीय स्तर पर महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा किया जाएगा। इसमें गेहूं, बेसन, रागी, मुनगा (सहजन) पाउडर, गुड़, तिल और मूंगफली जैसे उच्च पौष्टिक पदार्थों का उपयोग किया जा रहा है। केवल लड्डू खिलाना ही काफी नहीं है, इसलिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका प्रतिदिन बच्चों के घर जाकर माता-पिता को सही देख-रेख और समय पर पोषण देने के प्रति जागरूक करेंगी।

कलेक्टर ने बताया कि अभियान के तहत जिले के सभी 1200 गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों की विशेष देखभाल के तहत चिरायु टीम द्वारा सभी 1200 बच्चों का विशेष कार्ड बनाया जाएगा। सबसे पहले प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में इनका गहन स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यक दवाइयां दी जाएंगी। इसके बाद आवश्यकतानुसार बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराया जाएगा। इसके लिए 15-15 दिनों की रोटेशन लिस्ट तैयार की गई है। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष, जनपद अध्यक्ष, पूर्व विधायक प्रमोद शर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी, बड़ी संख्या में माताएं और बच्चे उपस्थित थे।


