Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    Facebook X (Twitter) Instagram
    The DonThe Don
    • Home
    • देश
    • विदेश
    • राज्य
    • मध्यप्रदेश
      • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
    • छत्तीसगढ़
      • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
    • राजनीती
    • धर्म
    • अन्य खबरें
      • मनोरंजन
      • खेल
      • तकनीकी
      • व्यापार
      • करियर
      • लाइफ स्टाइल
    The DonThe Don
    Home»राज्य»छत्तीसगढ़»राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने बस्तर दशहरा की अनूठी परंपराओं और जनजातीय संस्कृति की सराहना की….
    छत्तीसगढ़

    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने बस्तर दशहरा की अनूठी परंपराओं और जनजातीय संस्कृति की सराहना की….

    News DeskBy News DeskOctober 23, 2026No Comments9 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr WhatsApp Email Telegram Copy Link
    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने बस्तर दशहरा की अनूठी परंपराओं और जनजातीय संस्कृति की सराहना की….
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Pinterest Email

    रायपुर: राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु आज बस्तर की आराध्य देवी माँ दंतेश्वरी की पावन भूमि जगदलपुर में आयोजित विश्वप्रसिद्ध बस्तर दशहरा उत्सव में शामिल हुईं। इस अवसर पर उन्होंने बस्तर दशहरा की विशिष्ट धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं की सराहना करते हुए इसे छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक गौरव, सामूहिक आस्था, सामाजिक समरसता और जनजातीय विरासत का जीवंत प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि लगभग 75 दिनों तक चलने वाला यह अनूठा उत्सव विभिन्न समुदायों को एक सूत्र में बांधने और पीढ़ियों से चली आ रही परंपराओं को संरक्षित रखने का उत्कृष्ट उदाहरण है।

    राष्ट्रपति ने माँ दंतेश्वरी को नमन करते हुए कहा कि बस्तर दशहरा जैसे विश्वप्रसिद्ध उत्सव में शामिल होना उनके लिए विशेष प्रसन्नता का विषय है। इस उत्सव की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें विभिन्न गोत्रों, समुदायों और समाज के सभी वर्गों की सक्रिय सहभागिता रहती है। रथ निर्माण से लेकर रथ खींचने, पूजा-अर्चना और विभिन्न अनुष्ठानों तक प्रत्येक समुदाय अपनी परंपरागत जिम्मेदारी का निर्वहन करता है। यह सामूहिक सहभागिता सामाजिक एकता, आपसी सहयोग और सांस्कृतिक निरंतरता का असाधारण उदाहरण है।

    मुरिया दरबार लोकतांत्रिक परंपराओं का उत्कृष्ट उदाहरण-राष्ट्रपति

    राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने बस्तर दशहरा के अंतर्गत आयोजित होने वाले मुरिया दरबार की परंपरा को जमीनी स्तर पर लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि इस परंपरा में समाज के विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधि एक साथ बैठकर जनसमस्याओं, आवश्यकताओं और सामाजिक विषयों पर विचार-विमर्श करते हैं। सामूहिक संवाद के माध्यम से निकाले गए समाधान समाज की खुशहाली और आपसी सहयोग का मार्ग प्रशस्त करते हैं। ऐसी परंपराएं भारतीय लोकतंत्र की जड़ों को मजबूत करती हैं और लोकतांत्रिक मूल्यों को नई प्रतिष्ठा प्रदान करती हैं।

    उन्होंने कहा कि लगभग दो माह पूर्व राष्ट्रपति भवन में बस्तर के प्रतिनिधिमंडल से उनकी मुलाकात हुई थी। इसमें बस्तर पंडुम के विजेताओं के साथ बस्तर के परगना मांझी और चालकी भी शामिल थे। बस्तर पंडुम जैसे आयोजन जनजातीय युवाओं को अपनी संस्कृति, रीति-रिवाजों और परंपराओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

    बस्तर दशहरा सामाजिक समरसता, सामूहिक आस्था और लोकतांत्रिक मूल्यों का जीवंत प्रतीक-राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु

    जनजातीय समाज की प्रतिभाओं को अवसर देना आवश्यक

    राष्ट्रपति ने कहा कि जनजातीय समाज में अपार प्रतिभा और संभावनाएं हैं। उचित अवसर, प्रोत्साहन और संसाधन उपलब्ध होने पर जनजातीय समाज के बेटे-बेटियां जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में देश का गौरव बढ़ा सकते हैं। उन्होंने बस्तर ओलंपिक में जनजातीय युवाओं की उत्साहपूर्ण भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि खेल प्रतिभाओं को उचित मंच मिलने से बस्तर के युवा भविष्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं और ओलंपिक जैसे प्रतिष्ठित आयोजनों में पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ा सकते हैं।

    राष्ट्रपति ने छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद की समस्या से मुक्ति और सुरक्षा एवं विकास के क्षेत्र में हो रहे सकारात्मक बदलावों का उल्लेख करते हुए केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद की पीड़ा से मुक्त होकर यह क्षेत्र प्रगति के पथ पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि बस्तर के युवा और जनजातीय समुदाय के लोग अपनी प्रतिभा, परिश्रम और सहभागिता से देश की विकास यात्रा में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

    दंडकारण्य की सांस्कृतिक स्मृतियों में रची-बसी है बस्तर की विरासत

    राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने बस्तर क्षेत्र के ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि रामायण में इस अंचल का संबंध दंडकारण्य से जोड़ा जाता है। भगवान श्रीराम के वनवास से संबंधित अनेक प्रसंग इस क्षेत्र की सांस्कृतिक स्मृतियों में विद्यमान हैं। माता शबरी के प्रसंग का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज की सांस्कृतिक विरासत भारतीय परंपरा का अभिन्न अंग है।

    बस्तर दशहरा सामाजिक समरसता, सामूहिक आस्था और लोकतांत्रिक मूल्यों का जीवंत प्रतीक-राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु

    उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम के आदर्शों, माता सीता की पवित्रता और माता शबरी की भक्ति से प्रेरणा लेकर समाज को नैतिकता, मर्यादा और मानवीय मूल्यों को अपने जीवन में अपनाना चाहिए। बस्तर की सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण प्रत्येक नागरिक का दायित्व है।

    प्रकृति संरक्षण जनजातीय जीवन दर्शन का अभिन्न हिस्सा

    राष्ट्रपति ने जनजातीय समाज की प्रकृति पूजा की परंपरा की सराहना करते हुए कहा कि पेड़-पौधों, जंगलों और प्राकृतिक संसाधनों के प्रति सम्मान इस समाज की विशिष्ट पहचान है। जनजातीय परंपराओं में पेड़-पौधों को केवल संसाधन नहीं, बल्कि जीवनदाता के रूप में देखा जाता है। प्रकृति हमें ऑक्सीजन, जल, फल, फूल, भोजन और औषधियां प्रदान करती है। इसलिए प्रकृति की पूजा के साथ-साथ उसका संरक्षण और संवर्धन भी आवश्यक है।

    उन्होंने कहा कि जंगल, पहाड़ और प्राकृतिक संसाधन अमूल्य धरोहर हैं। इनका उपयोग आवश्यकता के अनुरूप करते हुए इनके संरक्षण और क्षतिपूर्ति की जिम्मेदारी भी निभानी चाहिए। एक वृक्ष को विकसित होने में कई दशक लगते हैं, इसलिए वनों की रक्षा और अधिकाधिक पौधरोपण भविष्य की पीढ़ियों के लिए जरूरी है। उन्होंने सभी नागरिकों, विशेषकर जनजातीय समाज के लोगों से अधिक से अधिक पेड़-पौधे लगाने और जंगलों को हरा-भरा बनाए रखने का आह्वान किया।

    राष्ट्रपति ने कहा कि छत्तीसगढ़ में विकास की नई संभावनाएं खुल रही हैं। जनजातीय उद्यमियों को वित्तीय सुविधाओं और बाजार से जोड़ने के प्रयास समावेशी विकास की दिशा में महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि समाज के प्रत्येक वर्ग को समान अवसर उपलब्ध कराकर वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में जनजातीय समाज की भागीदारी और अधिक मजबूत होगी।

    बस्तर दशहरा सामाजिक समरसता, सामूहिक आस्था और लोकतांत्रिक मूल्यों का जीवंत प्रतीक-राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु

    बस्तर दशहरा के पारंपरिक अनुष्ठानों का उल्लेख करते हुए राष्ट्रपति ने कुटुम्ब जात्रा के माध्यम से ग्राम देवी-देवताओं की विदाई तथा 27 अक्टूबर को माँ दंतेश्वरी और देवी मावली की डोली विदाई जैसे आयोजनों को इस उत्सव की विशिष्ट धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं का परिचायक बताया। उन्होंने माँ दंतेश्वरी से बस्तरवासियों के उज्ज्वल भविष्य, छत्तीसगढ़ की प्रगति और समग्र विकास की कामना की।

    राज्यपाल श्री रमेन डेका ने बस्तर दशहरा और विजयादशमी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और लोकतांत्रिक मूल्य हमारी सभ्यता एवं संस्कारों में गहराई से रचे-बसे हैं। उन्होंने कहा कि सामूहिकता जनजातीय समाज की जीवन पद्धति का अभिन्न हिस्सा है। गांवों में सामाजिक निर्णय मिल-बैठकर लिए जाते हैं। बड़ों की बात सुनना और प्रत्येक व्यक्ति की आवाज को सम्मान देना जनजातीय समाज की सहज परंपरा रही है।

    राज्यपाल ने कहा कि बस्तर दशहरा अपनी भव्यता के साथ समाज को साथ लेकर चलने की सीख भी देता है। रथ के लिए लकड़ी लाने से लेकर उसके निर्माण और संचालन तक विभिन्न गांवों एवं समुदायों के लोग अपनी निर्धारित जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हैं। राजशाही की समाप्ति के बाद भी यह परंपरा निरंतर जारी रही और जनतांत्रिक संवाद के सशक्त मंच के रूप में विकसित हुई।

    उन्होंने कहा कि बस्तर दशहरा और मुरिया दरबार यह संदेश देते हैं कि संवाद ही समाधान का मार्ग है। जब शासन और समाज आमने-सामने बैठकर चर्चा करते हैं, तब कठिन से कठिन समस्याओं का समाधान निकाला जा सकता है। उन्होंने मांझी, मुखिया, पुजारी, कारीगरों, रथ निर्माताओं, कलाकारों और स्थानीय प्रशासन सहित उन सभी लोगों के योगदान की सराहना की, जिनके सामूहिक परिश्रम और श्रद्धा से यह विश्वप्रसिद्ध परंपरा पीढ़ी-दर-पीढ़ी जीवित है।

    मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का माँ दंतेश्वरी की पावन भूमि जगदलपुर में आयोजित बस्तर दशहरा उत्सव में स्वागत एवं अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु जी का बस्तर की धरती से गहरा जुड़ाव रहा है। इसी वर्ष फरवरी में उन्होंने बस्तर पंडुम का शुभारंभ किया था। इसके बाद बस्तर पंडुम के विजेताओं को सम्मानित करने के साथ राष्ट्रपति भवन आमंत्रित कर उनका उत्साहवर्धन भी किया। आज बस्तर दशहरा में उनकी उपस्थिति से समस्त बस्तरवासियों का उत्साह बढ़ा है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि मुरिया दरबार जनजातीय संस्कृति और लोकतांत्रिक परंपराओं की सुंदर अभिव्यक्ति है। लगभग 75 दिनों तक चलने वाला बस्तर दशहरा बस्तर की लोक संस्कृति का आईना है। इसकी रस्में जनजातीय समाज में निहित समतामूलक विचारों, सामूहिक सहभागिता और आपसी विश्वास को प्रदर्शित करती हैं।

    उन्होंने कहा कि इस वर्ष बस्तर दशहरा विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि एक ओर राष्ट्रपति की गरिमामय उपस्थिति से उत्सव की प्रतिष्ठा बढ़ी है, वहीं दूसरी ओर बस्तर हिंसक माओवाद से मुक्त होकर नवनिर्माण की दिशा में आगे बढ़ रहा है। बस्तर पंडुम और बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजन इस परिवर्तन को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। बस्तर पंडुम के माध्यम से यहां की समृद्ध जनजातीय कला, संस्कृति और परंपराओं को देश-विदेश तक पहुंचाया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने बस्तर की समृद्धि और विकास के लिए स्पष्ट रोडमैप तैयार किया है। नियद नेल्लानार योजना के माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों तक शासकीय योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना और पीएम-जनमन योजना के तहत अंदरूनी बसाहटों को सड़क मार्ग से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। जहां सड़कें बन चुकी हैं, वहां मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के माध्यम से परिवहन सुविधाओं के विस्तार के प्रयास किए जा रहे हैं।

    उन्होंने बताया कि रायपुर से रावघाट तक नई रेल सेवा प्रारंभ की गई है तथा रावघाट-जगदलपुर रेल लाइन पर कार्य जारी है। रायपुर से विशाखापट्टनम एक्सप्रेसवे का बड़ा हिस्सा बस्तर क्षेत्र से गुजरता है। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए होम-स्टे की व्यवस्था हेतु विशेष प्रावधान किए गए हैं। वन धन केंद्रों के माध्यम से वनोपज संग्राहकों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि जगदलपुर में सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल प्रारंभ किया गया है तथा गीदम में मेडिकल कॉलेज इसी शैक्षणिक सत्र से शुरू हो गया है। ओरछा और जगरगुंडा में एजुकेशन सिटी विकसित करने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि राष्ट्रपति के मार्गदर्शन और आशीर्वाद से बस्तर को देश का अग्रणी संभाग बनाने तथा विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को पूरा करने के प्रयासों को नई मजबूती मिलेगी।

    संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने माँ दंतेश्वरी, माँ मावली और बस्तर अंचल के समस्त ग्राम देवी-देवताओं को नमन करते हुए राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का स्वागत एवं अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि बस्तर दशहरा अपनी अवधि, विशिष्ट परंपराओं, आस्था और व्यापक जनभागीदारी के कारण देश के अन्य उत्सवों से अलग पहचान रखता है। लगभग 75 दिनों तक चलने वाला यह पर्व केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि बस्तर की जीवंत सांस्कृतिक पहचान है।

    उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सरकार ने परंपरागत प्रतिनिधियों के सम्मान और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। मांझियों का मासिक मानदेय 2,000 रुपये से बढ़ाकर 5,000 रुपये तथा चालकी का मानदेय 1,500 रुपये से बढ़ाकर 3,500 रुपये किया गया है। यह निर्णय बस्तर की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखने वाले परंपरागत प्रतिनिधियों के योगदान के प्रति सम्मान और कृतज्ञता की अभिव्यक्ति है।

    इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, कृषि मंत्री श्री राम विचार नेताम, शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाडे़, बस्तर सांसद एवं बस्तर दशहरा समिति के अध्यक्ष श्री महेश कश्यप, कांकेर सांसद श्री भोजराज नाग, जगदलपुर विधायक श्री किरण सिंह देव, विधायक कोण्डागांव सुश्री लता उसेंडी, महापौर श्री संजय पाण्डे सहित अनेक जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। इस दौरान मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, कमिश्नर श्री डोमन सिंह, आईजी श्री बीएन मीणा, कलेक्टर श्री आकाश छिकारा, एसपी श्री शलभ सिन्हा सहित पारंपरिक मांझी-चालकी, मेंबर-मेंबरिन, नाइक-पाइक और बस्तर दशहरा समिति के सदस्य एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक भी उपस्थित थे।

    शेयर करें :-

    • Share on Facebook (Opens in new window) Facebook
    • Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp
    • Share on X (Opens in new window) X
    • Share on Telegram (Opens in new window) Telegram
    News Desk

    Related Posts

    ‘अथ उद्यम’ से ग्रामीण महिलाओं को मिलेगी नई पहचान, अब छोटे व्यवसाय बनेंगे सफल उद्यम….

    October 23, 2026

    छत्तीसगढ़ हॉकी लीग को मिला वैश्विक मंच, जियोहॉटस्टार पर दुनिया देख रही हर मुकाबला…..

    October 23, 2026

    उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के निर्देश पर पीएम जनमन आवास में ठगी करने पर ठेकेदार शेख निजामुद्दिन उर्फ निक्की खान के विरुद्ध एफआईआर दर्ज…..

    October 23, 2026

    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु छत्तीसगढ़ प्रवास के पश्चात रायपुर से हुईं रवाना….

    October 23, 2026

    कैबिनेट मंत्री लखनलाल देवांगन ने कोरबा रेलवे स्टेशन से भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना, बुजुर्गों को दी शुभकामनाएं….

    October 23, 2026

    निजी कार्यक्रम छोड़ केल्हारी बस दुर्घटना के घायलों से मिलने पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल….

    October 23, 2026
    विज्ञापन
    विज्ञापन
    हमसे जुड़ें
    • Facebook
    • Twitter
    • Pinterest
    • Instagram
    • YouTube
    • Vimeo
    अन्य ख़बरें

    ‘अथ उद्यम’ से ग्रामीण महिलाओं को मिलेगी नई पहचान, अब छोटे व्यवसाय बनेंगे सफल उद्यम….

    October 23, 2026

    छत्तीसगढ़ हॉकी लीग को मिला वैश्विक मंच, जियोहॉटस्टार पर दुनिया देख रही हर मुकाबला…..

    October 23, 2026

    उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के निर्देश पर पीएम जनमन आवास में ठगी करने पर ठेकेदार शेख निजामुद्दिन उर्फ निक्की खान के विरुद्ध एफआईआर दर्ज…..

    October 23, 2026

    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु छत्तीसगढ़ प्रवास के पश्चात रायपुर से हुईं रवाना….

    October 23, 2026
    हमारे बारे में

    यह एक हिंदी वेब न्यूज़ पोर्टल है जिसमें ब्रेकिंग न्यूज़ के अलावा राजनीति, प्रशासन, ट्रेंडिंग न्यूज, बॉलीवुड, खेल जगत, लाइफस्टाइल, बिजनेस, सेहत, ब्यूटी, रोजगार तथा टेक्नोलॉजी से संबंधित खबरें पोस्ट की जाती है।

    Disclaimer - समाचार से सम्बंधित किसी भी तरह के विवाद के लिए साइट के कुछ तत्वों में उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत सामग्री ( समाचार / फोटो / विडियो आदि ) शामिल होगी स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक इस तरह के सामग्रियों के लिए कोई ज़िम्मेदार नहीं स्वीकार करता है। न्यूज़ पोर्टल में प्रकाशित ऐसी सामग्री के लिए संवाददाता / खबर देने वाला स्वयं जिम्मेदार होगा, स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक की कोई भी जिम्मेदारी नहीं होगी. सभी विवादों का न्यायक्षेत्र रायपुर होगा

    हमसे सम्पर्क करें
    संपादक -
    मोबाइल -
    ईमेल -
    कार्यालय -
    October 2026
    M T W T F S S
     1234
    567891011
    12131415161718
    19202122232425
    262728293031  
    « Sep    
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.