Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    Facebook X (Twitter) Instagram
    The DonThe Don
    • Home
    • देश
    • विदेश
    • राज्य
    • मध्यप्रदेश
      • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
    • छत्तीसगढ़
      • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
    • राजनीती
    • धर्म
    • अन्य खबरें
      • मनोरंजन
      • खेल
      • तकनीकी
      • व्यापार
      • करियर
      • लाइफ स्टाइल
    The DonThe Don
    Home»देश»हिमालय के नीचे खतरनाक हलचल: तिब्बत के नीचे दो हिस्सों में टूट रही भारतीय टेक्टोनिक प्लेट, वैज्ञानिकों की चेतावनी
    देश

    हिमालय के नीचे खतरनाक हलचल: तिब्बत के नीचे दो हिस्सों में टूट रही भारतीय टेक्टोनिक प्लेट, वैज्ञानिकों की चेतावनी

    News DeskBy News DeskNovember 13, 2025No Comments4 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr WhatsApp Email Telegram Copy Link
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Pinterest Email

     नई दिल्ली

    पृथ्वी की सतह हमेशा हिलती-डुलती रहती है, लेकिन अब वैज्ञानिकों ने एक चौंकाने वाली खोज की है. भारत की मुख्य टेक्टॉनिक प्लेट (इंडियन प्लेट) तिब्बत के नीचे दो हिस्सों में फट रही है. इससे भूकंप, ज्वालामुखी विस्फोट और बड़े भूगर्भीय बदलाव हो सकते हैं. अमेरिका की कोलोराडो यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों की एक नई स्टडी में यह बात सामने आई है. अगर यह जल्दी हुआ, तो हिमालय क्षेत्र में लाखों लोगों का जीवन खतरे में पड़ सकता है. 

    क्या हो रहा है? प्लेट टूटने की कहानी

    पृथ्वी की ऊपरी सतह कई प्लेटों (टेक्टॉनिक प्लेट्स) में बंटी है, जो धीरे-धीरे हिलती हैं. भारत की प्लेट अफ्रीका से अलग होकर उत्तर की ओर बढ़ रही है. अब नई रिसर्च बताती है कि यह प्लेट तिब्बत के नीचे 100 किलोमीटर गहराई पर दो हिस्सों में बंट रही है. ऊपरी हिस्सा हिमालय की ओर धकेल रहा है, जबकि निचला हिस्सा मंगोलिया की ओर खिसक रहा है.

    नेचर जियोसाइंस जर्नल में छपी इस स्टडी के मुताबिक, यह प्रक्रिया 50 लाख साल पहले शुरू हुई थी, लेकिन अब तेज हो गई है. वैज्ञानिकों ने सिस्मिक वेव्स (भूकंप की लहरों) का अध्ययन किया, जो दिखाता है कि प्लेट के बीच में एक 'रिफ्ट' (फटाव) बन रहा है. यह फटाव 200-300 किलोमीटर लंबा है. अगर यह बढ़ा, तो तिब्बत का पठार और हिमालय की चोटियां बदल सकती हैं.

    वैज्ञानिकों की चेतावनी: बड़े खतरे सिर पर मंडरा रहे

    स्टडी के प्रमुख वैज्ञानिक ब्रैडेन चाउ ने कहा कि यह प्लेट टूटना हिमालय के निर्माण का नया चरण हो सकता है. लेकिन इससे बड़े भूकंप आ सकते हैं, जो 8 या 9 तीव्रता के होंगे. कोलोराडो यूनिवर्सिटी की टीम ने 20 साल के डेटा का विश्लेषण किया. वे कहते हैं कि तिब्बत के नीचे प्लेट का निचला हिस्सा पिघल रहा है, जैसे आइसक्रीम गर्मी में पिघलती है. इससे मैग्मा ऊपर आ सकता है, जो ज्वालामुखी पैदा करेगा.

    भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) के डॉ. आरके सिंह कहते हैं कि यह भारत के लिए खतरा है. हिमालय पहले ही भूकंप संवेदनशील है. 2005 का कश्मीर भूकंप (7.6 तीव्रता) इसी प्लेट की वजह से था. अगर फटाव बढ़ा, तो दिल्ली, मुंबई जैसे शहरों तक झटके महसूस होंगे. स्टडी के अनुसार, यह बदलाव अगले 10-20 लाख साल में होगा, लेकिन छोटे-छोटे भूकंप अब ही बढ़ सकते हैं.

    टेक्टॉनिक्स प्लेट का खेल

    टेक्टॉनिक प्लेट्स पृथ्वी की बाहरी परत (क्रस्ट) के टुकड़े हैं, जो मैग्मा पर तैरते हैं. भारत की प्लेट हर साल 5 सेंटीमीटर उत्तर की ओर बढ़ती है. तिब्बत के नीचे यह 'सबडक्शन' (नीचे धंसना) के बजाय 'रिफ्टिंग' (टूटना) कर रही है. 

        कैसे पता चला? भूकंप की लहरें प्लेट के अंदर से गुजरते हुए बदल जाती हैं. वैज्ञानिकों ने GPS डेटा और सैटेलाइट इमेज से देखा कि तिब्बत ऊंचा हो रहा है.

        क्यों हो रहा? प्लेट का दबाव ज्यादा हो गया. ऊपरी हिस्सा हिमालय को ऊंचा कर रहा है (हर साल 5 मिमी), लेकिन निचला हिस्सा फिसल नहीं पा रहा.

        क्या होगा? फटाव से नई प्लेट्स बनेंगी, जो हिमालय को और ऊंचा या चपटा कर सकती हैं. यह प्रक्रिया धीमी है, लेकिन असर लंबा चलेगा.

    संभावित प्रभाव: जीवन पर क्या असर पड़ेगा?

        भूकंप का खतरा: हिमालय बेल्ट में 80% दुनिया के बड़े भूकंप आते हैं. भारत, नेपाल, चीन में लाखों घर ढह सकते हैं. 2015 नेपाल भूकंप में 9,000 मौतें हुईं.

        ज्वालामुखी और बाढ़: मैग्मा ऊपर आने से नए ज्वालामुखी. ग्लेशियर पिघलने से गंगा-ब्रह्मपुत्र नदियां बाढ़ लाएंगी.

        मानव जीवन: 10 करोड़ से ज्यादा लोग हिमालय क्षेत्र में रहते हैं. दिल्ली-NCR तक झटके. अर्थव्यवस्था को 1 लाख करोड़ का नुकसान.

        पर्यावरण: हिमालय की जैव विविधता खतरे में. जलवायु बदलाव तेज होगा.

    विशेषज्ञ कहते हैं कि यह प्राकृतिक है, लेकिन हमें तैयार रहना होगा. भूकंपरोधी इमारतें बनाएं. मॉनिटरिंग बढ़ाएं.

    भारत क्या कर रहा है? तैयारी की दिशा

    भारत सरकार ने GSI को और फंड दिए हैं. नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी (NCS) अब तिब्बत बॉर्डर पर 50 नए सेंसर लगाएगा. प्रधानमंत्री ने कहा कि हिमालय हमारा खजाना है, इसे बचाना हमारा कर्तव्य है. चीन के साथ डेटा शेयरिंग पर बात हो रही है, क्योंकि तिब्बत उनका क्षेत्र है.

    आगे क्या? उम्मीद की किरण

    वैज्ञानिक कहते हैं, यह बदलाव पृथ्वी का सामान्य चक्र है. लेकिन चेतावनी समय पर मिली है. अगर हम सतर्क रहे, तो नुकसान कम कर सकते हैं. हिमालय की चोटियां कह रही हैं कि मैं बदल रहा हूं, लेकिन मजबूत रहूंगा. दुनिया के वैज्ञानिक अब इस पर नजर रखेंगे.

    शेयर करें :-

    • Click to share on Facebook (Opens in new window)
    • Click to share on WhatsApp (Opens in new window)
    • Click to share on X (Opens in new window)
    • Click to share on Telegram (Opens in new window)
    News Desk

    Related Posts

    क्या अब गांव का कचरा भी हम देखें? सुप्रीम कोर्ट की कड़ी फटकार

    November 18, 2025

    पद्मिनी को परेशान किया तो धमाका कर दूंगा: मेट्रो स्टेशन को मिला धमकीभरा मेल

    November 18, 2025

    बिहार में कांग्रेस की 6 सीटें जीतने पर घमासान, INDIA गठबंधन के नेताओं ने कसा तंज

    November 18, 2025

    बेंगलुरु: ₹145 के वेज सैंडविच में मिला झींगा, स्विगी-रेस्टोरेंट पर ₹1 लाख का मुआवजा

    November 18, 2025

    SC की चेतावनी: आरक्षण 50% से ज्यादा हुआ तो चुनाव रोकने तक जा सकते हैं कदम

    November 18, 2025

    दिल्ली ब्लास्ट केस: अमित शाह की बैठक के बाद दिल्ली से MP तक छापेमारी, 30 जगह रेड

    November 18, 2025
    Add A Comment

    Leave A Reply Cancel Reply

    विज्ञापन
    विज्ञापन
    हमसे जुड़ें
    • Facebook
    • Twitter
    • Pinterest
    • Instagram
    • YouTube
    • Vimeo
    अन्य ख़बरें

    राज्यपाल रमेन डेका ने खैरागढ़ विश्वविद्यालय में निर्मित असम के प्रसिद्ध साहित्यकार के कांस्य प्रतिमा का किया अनावरण…..

    November 18, 2025

    रायपुर : किसान छबीलाल बारी ने समर्थन मूल्य पर धान खरीदी नीति की सराहना

    November 18, 2025

    क्या अब गांव का कचरा भी हम देखें? सुप्रीम कोर्ट की कड़ी फटकार

    November 18, 2025

    उत्तर बस्तर कांकेर : समर्थन मूल्य पर धान खरीदी 2025-26 : सहकारी समिति प्रबंधक, खरीदी केन्द्र प्रभारी एवं कम्प्यूटर ऑपरेटर के खिलाफ एफआईआर दर्ज

    November 18, 2025
    हमारे बारे में

    यह एक हिंदी वेब न्यूज़ पोर्टल है जिसमें ब्रेकिंग न्यूज़ के अलावा राजनीति, प्रशासन, ट्रेंडिंग न्यूज, बॉलीवुड, खेल जगत, लाइफस्टाइल, बिजनेस, सेहत, ब्यूटी, रोजगार तथा टेक्नोलॉजी से संबंधित खबरें पोस्ट की जाती है।

    Disclaimer - समाचार से सम्बंधित किसी भी तरह के विवाद के लिए साइट के कुछ तत्वों में उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत सामग्री ( समाचार / फोटो / विडियो आदि ) शामिल होगी स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक इस तरह के सामग्रियों के लिए कोई ज़िम्मेदार नहीं स्वीकार करता है। न्यूज़ पोर्टल में प्रकाशित ऐसी सामग्री के लिए संवाददाता / खबर देने वाला स्वयं जिम्मेदार होगा, स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक की कोई भी जिम्मेदारी नहीं होगी. सभी विवादों का न्यायक्षेत्र रायपुर होगा

    हमसे सम्पर्क करें
    संपादक -
    मोबाइल -
    ईमेल -
    कार्यालय -
    February 2026
    M T W T F S S
     1
    2345678
    9101112131415
    16171819202122
    232425262728  
    « Nov    
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.