Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    Facebook X (Twitter) Instagram
    The DonThe Don
    • Home
    • देश
    • विदेश
    • राज्य
    • मध्यप्रदेश
      • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
    • छत्तीसगढ़
      • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
    • राजनीती
    • धर्म
    • अन्य खबरें
      • मनोरंजन
      • खेल
      • तकनीकी
      • व्यापार
      • करियर
      • लाइफ स्टाइल
    The DonThe Don
    Home»राज्य»मध्यप्रदेश»कोर्ट की फटकार: HC में जवाब नहीं दे रहे अफसर, प्रमुख सचिव-कमिश्नर को मिल रहे व्यक्तिगत रूप से पेश होने के निर्देश
    मध्यप्रदेश

    कोर्ट की फटकार: HC में जवाब नहीं दे रहे अफसर, प्रमुख सचिव-कमिश्नर को मिल रहे व्यक्तिगत रूप से पेश होने के निर्देश

    News DeskBy News DeskNovember 28, 2024No Comments4 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr WhatsApp Email Telegram Copy Link
    कोर्ट की फटकार: HC में जवाब नहीं दे रहे अफसर, प्रमुख सचिव-कमिश्नर को मिल रहे व्यक्तिगत रूप से पेश होने के निर्देश
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Pinterest Email

    एमपी गवर्मेंट: मध्य प्रदेश सरकार और उच्च न्यायालय के बीच कई मामलों की सुनवाई चल रही है, जिनमें सरकार को उचित उत्तर प्रदान करना है। हालांकि, जिम्मेदार अधिकारी एसी कमरों में बैठकर समय पर जवाब नहीं दे पा रहे हैं, जिससे यह स्थिति विभाग के लिए समस्या बनती जा रही है। 

    जब लंबे समय तक कोई उत्तर नहीं मिलता, तो न्यायालय की बेंच विभाग के प्रमुख सचिव, आयुक्त और कई मामलों में मुख्य सचिव को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश देती है। यह स्थिति मध्य प्रदेश सरकार के लगभग सभी विभागों में समान रूप से देखी जा रही है। हाल ही में उच्च शिक्षा विभाग ने इस समस्या के समाधान के लिए एक आदेश जारी किया है।

    जारी आदेश में दी गई जानकारी

    उच्च न्यायालय द्वारा जारी आदेश में यह उल्लेख किया गया है कि माननीय उच्च न्यायालय में विभिन्न विषयों के अंतर्गत दाखिल याचिकाओं में प्रकरण प्रभारी अधिकारियों द्वारा याचिकाओं का जवाब माननीय न्यायालय में प्रस्तुत नहीं किया जा रहा है, जिसके परिणामस्वरूप माननीय न्यायालय ने प्रमुख सचिव / आयुक्त उच्च शिक्षा को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के लिए निर्देशित किया है। 

    इसलिए, सभी शासकीय महाविद्यालयों के प्राचार्य, क्षेत्रीय कार्यालय में कार्यरत नोडल अधिकारी और विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी, जिन्हें संचालन स्तर से प्रकरण प्रभारी के रूप में नियुक्त किया गया है, को आदेश की कंडिका 1 से 13 के अनुसार जवाब प्रस्तुत करने की आवश्यकता है।

    15 दिनों के भीतर जवाब दें

    उच्च न्यायालय ने निर्देश दिया है कि सभी प्रकरणों के प्रभारी अधिकारियों को पुनः यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि यदि माननीय उच्च न्यायालय में दाखिल याचिकाओं के उत्तर तैयार करने के लिए संचालनालय या शासन स्तर से किसी अभिलेख, आदेश या नियम की आवश्यकता हो, तो वे संबंधित शाखा के प्रभारी को सीधे पत्र भेजकर और टेलीफोन पर चर्चा करके आवश्यक अभिलेख प्राप्त करें। उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि उत्तर 15 दिनों के भीतर प्रस्तुत किया जाए। न्यायालयीन शाखा भी आपके द्वारा भेजे गए पत्र को संबंधित शाखा को अग्रेषित करती है, जिससे अनावश्यक रूप से एक ही कार्य को कई बार करने से समय की बर्बादी होती है और न्यायालयीन कार्यवाही में विलंब होता है। 

    सभी प्रकरणों के प्रभारी अधिकारियों को इस स्थिति से अवगत कराया गया है कि उनकी जिम्मेदारी है कि वे समय पर आवश्यक अभिलेख प्राप्त कर उत्तर प्रस्तुत करें।

    खास बिंदुओं पर बात 

    • प्रभारी अधिकारी मामले के तथ्यों की त्वरित जॉच करेगा और याचिका में उठाए गए सभी बिंदुओं का क्रमबद्ध उत्तर देते हुए आवश्यक अतिरिक्त जानकारी प्रदान करेगा, जिससे विधिक या शासकीय अभिभाषक को सहायता मिल सके। रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जिसमें यदि विधि विभाग से परामर्श लिया गया हो, तो उसे स्पष्ट रूप से उल्लेखित किया जाएगा।
    • सभी संबंधित फाइलें, दस्तावेज, नियम, अधिसूचनाएं और आदेश एकत्रित किए जाएंगे। इसके बाद, रिपोर्ट और सामग्री के साथ शासकीय अधिवक्ता से संपर्क किया जाएगा। शासकीय अधिवक्ता की सहायता से लिखित या मौखिक उत्तर तैयार किया जाएगा।
    • महत्वपूर्ण और नीतिगत मामलों में तैयार किए गए लिखित या मौखिक उत्तर विभागीय या प्रशासकीय अनुमोदन के लिए निम्नलिखित तरीके से भेजे जाएंगे।
    • वाद या पत्र की एक प्रति के साथ प्रकरण और लिखित कथन का संक्षेप प्रस्तुत किया जाएगा।
    • मामले की तैयारी और संचालन में सरकारी अधिवक्ता का सहयोग सुनिश्चित करना और मामले के प्रक्रम तथा संबंधित नियमों में होने वाले परिवर्तनों से हमेशा अवगत रहना आवश्यक है। 
    • जब भी कोई आदेश या निर्णय विशेष रूप से मध्यप्रदेश राज्य के खिलाफ पारित होता है, विधि विभाग और प्रशासनिक विभाग को सूचित करना और उसी दिन या अगले कार्य दिवस में उसकी प्रमाणित प्रति प्राप्त करने के लिए आवेदन करना चाहिए। 
    • आदेश या निर्णय की प्रमाणित प्रति और सरकारी अधिवक्ता की राय के साथ अपनी रिपोर्ट को इस विभाग को आगे की कार्रवाई के लिए भेजना अनिवार्य है। 
    • यह सुनिश्चित करना कि आवेदन करने, प्रमाणित प्रतियाँ प्राप्त करने, रिपोर्ट तैयार करने, राय लेने और सूचना देने में कोई अनावश्यक समय बर्बाद न हो। 
    • जैसे ही स्थानांतरण आदेश प्राप्त होता है, अर्द्ध सरकारी पत्र के माध्यम से तुरंत जानकारी देना आवश्यक है, और वर्तमान पदभार सौंपने के बाद भी तब तक जानकारी देना जारी रखना चाहिए।

    शेयर करें :-

    • Share on Facebook (Opens in new window) Facebook
    • Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp
    • Share on X (Opens in new window) X
    • Share on Telegram (Opens in new window) Telegram
    News Desk

    Related Posts

    खेल अनुशासन, ईमानदारी और लक्ष्य के प्रति समर्पण भाव से आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है : सांसद विजय बघेल

    August 31, 2026

    Uttarakhand News: जमैका, जाम्बिया और इथियोपिया में खुलेंगे उत्तराखंड के युवाओं के लिए रोजगार के नए दरवाजे, CM धामी ने अधिकारियों को दिए खास निर्देश…..

    August 31, 2026

    Uttarakhand News: राज्य आंदोलनकारियों के लिए CM धामी का बड़ा तोहफा, पेंशन में ₹10 हजार तक इजाफा; शहीदों को किया नमन…..

    August 31, 2026

    छत्तीसगढ़ ने भारत के महत्वपूर्ण खनिज पारिस्थितिकी तंत्र में अपनी भूमिका को किया सुदृढ़, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने खनिज विकास के प्रति राज्य की प्रतिबद्धता पर दिया जोर….

    August 31, 2026

    प्लेसमेंट एजेंसी के विरुद्ध छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल की बड़ी कार्रवाई, 10 लाख रूपये की परफॉर्मेंस सिक्योरिटी राजसात….

    August 31, 2026

    विष्णु भैया की योजना बनी सावित्री का सहारा, आर्थिक चिंता से मिली राहत, महतारी वंदन की 31वीं किस्त से बढ़ा आत्मविश्वास, सावित्री बोलीं- “हर महीने की मदद बनी आत्मनिर्भरता का संबल”….

    August 31, 2026
    विज्ञापन
    विज्ञापन
    हमसे जुड़ें
    • Facebook
    • Twitter
    • Pinterest
    • Instagram
    • YouTube
    • Vimeo
    अन्य ख़बरें

    खेल अनुशासन, ईमानदारी और लक्ष्य के प्रति समर्पण भाव से आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है : सांसद विजय बघेल

    August 31, 2026

    Uttarakhand News: जमैका, जाम्बिया और इथियोपिया में खुलेंगे उत्तराखंड के युवाओं के लिए रोजगार के नए दरवाजे, CM धामी ने अधिकारियों को दिए खास निर्देश…..

    August 31, 2026

    Uttarakhand News: राज्य आंदोलनकारियों के लिए CM धामी का बड़ा तोहफा, पेंशन में ₹10 हजार तक इजाफा; शहीदों को किया नमन…..

    August 31, 2026

    छत्तीसगढ़ ने भारत के महत्वपूर्ण खनिज पारिस्थितिकी तंत्र में अपनी भूमिका को किया सुदृढ़, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने खनिज विकास के प्रति राज्य की प्रतिबद्धता पर दिया जोर….

    August 31, 2026
    हमारे बारे में

    यह एक हिंदी वेब न्यूज़ पोर्टल है जिसमें ब्रेकिंग न्यूज़ के अलावा राजनीति, प्रशासन, ट्रेंडिंग न्यूज, बॉलीवुड, खेल जगत, लाइफस्टाइल, बिजनेस, सेहत, ब्यूटी, रोजगार तथा टेक्नोलॉजी से संबंधित खबरें पोस्ट की जाती है।

    Disclaimer - समाचार से सम्बंधित किसी भी तरह के विवाद के लिए साइट के कुछ तत्वों में उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत सामग्री ( समाचार / फोटो / विडियो आदि ) शामिल होगी स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक इस तरह के सामग्रियों के लिए कोई ज़िम्मेदार नहीं स्वीकार करता है। न्यूज़ पोर्टल में प्रकाशित ऐसी सामग्री के लिए संवाददाता / खबर देने वाला स्वयं जिम्मेदार होगा, स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक की कोई भी जिम्मेदारी नहीं होगी. सभी विवादों का न्यायक्षेत्र रायपुर होगा

    हमसे सम्पर्क करें
    संपादक -
    मोबाइल -
    ईमेल -
    कार्यालय -
    September 2026
    M T W T F S S
     123456
    78910111213
    14151617181920
    21222324252627
    282930  
    « Aug    
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.