यमुनोत्री धाम की यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं के लिए राहत भरी खबर है। सिलक्यारा-पोलगांव सुरंग को वर्ष 2027 की चारधाम यात्रा तक यातायात के लिए खोलने का लक्ष्य रखा गया है। करीब 4.5 किलोमीटर लंबी सुरंग का सिविल कार्य मार्च तक पूरा करने की तैयारी है। इसके बाद बिजली और प्रकाश व्यवस्था से संबंधित कार्य किए जाएंगे। हालांकि, सुरंग से यातायात शुरू होना सभी जरूरी कार्यों के समय पर पूरा होने पर निर्भर करेगा।
सुरंग के शुरू होने से यमुनोत्री धाम पहुंचने की दूरी करीब 26 किलोमीटर कम हो जाएगी। इससे यात्रियों को लंबा रास्ता तय नहीं करना पड़ेगा। यात्रा के दौरान समय और ईंधन की बचत होने के साथ ही आवागमन भी सुगम होने की उम्मीद है।
चारधाम सड़क परियोजना के तहत वर्ष 2018 में शुरू हुई इस परियोजना पर करीब 858 करोड़ रुपये खर्च होने हैं। इसे वर्ष 2022 तक पूरा किया जाना था, लेकिन तकनीकी चुनौतियों के कारण काम तय समय पर पूरा नहीं हो सका।
12 नवंबर 2023 को सुरंग में भूस्खलन के कारण 41 श्रमिक फंस गए थे। उन्हें सुरक्षित निकालने के लिए करीब 17 दिन तक बचाव अभियान चलाया गया। जनवरी 2024 में निर्माण दोबारा शुरू करने की अनुमति मिली और अप्रैल में सुरंग को आर-पार कर दिया गया। इसके बाद निर्माण कार्य आगे बढ़ा। सुरंग के करीब एक किलोमीटर हिस्से की री-प्रोफाइलिंग भी पूरी कर ली गई है।
नवयुगा इंजीनियरिंग लिमिटेड के जनरल मैनेजर रविकांत के मुताबिक, मार्च तक सिविल कार्य पूरा करने का लक्ष्य है। इसके बाद इलेक्ट्रिकल कार्य किए जाएंगे। सभी तैयारियां समय पर पूरी होने पर वर्ष 2027 की चारधाम यात्रा तक सुरंग से यातायात शुरू होने की संभावना है।


