रायपुर: आगामी खरीफ सीजन 2026-27 को दृष्टिगत रखते हुए जिले में किसानों को समय पर एवं सुगमता से उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कृषि विभाग एवं जिला प्रशासन द्वारा सतत मॉनिटरिंग की जा रही है। वर्तमान में जिले में विभिन्न प्रकार के रासायनिक उर्वरकों का पर्याप्त भण्डारण उपलब्ध है तथा आवश्यकतानुसार वितरण की कार्यवाही निरंतर जारी है।
जिले में वर्तमान स्थिति के अनुसार कुल 19,358 मीट्रिक टन उर्वरकों का भण्डारण किया गया है, जिसमें से 4,318 मीट्रिक टन उर्वरकों का किसानों को वितरण किया जा चुका है। वितरण उपरांत विभिन्न उर्वरकों का कुल 15,040 मीट्रिक टन भण्डार उपलब्ध है, जिससे किसानों की आवश्यकता की पूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी।
उपलब्ध भण्डारण में यूरिया 8,017 मीट्रिक टन, सिंगल सुपर फास्फेट (एसएसपी) 3,005 मीट्रिक टन, पोटाश 1,084 मीट्रिक टन, डीएपी 2,169 मीट्रिक टन तथा एनपीके 5,083 मीट्रिक टन शामिल है। वर्तमान तक यूरिया 1,902 मीट्रिक टन, एसएसपी 588 मीट्रिक टन, पोटाश 216 मीट्रिक टन, डीएपी 572 मीट्रिक टन एवं एनपीके 1,040 मीट्रिक टन का वितरण किसानों को किया जा चुका है।
कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा के निर्देशन में कृषि विभाग द्वारा उर्वरक भण्डारण एवं वितरण व्यवस्था की नियमित समीक्षा की जा रही है। साथ ही सहकारी समितियों, प्राथमिक कृषि साख समितियों तथा निजी विक्रेताओं के माध्यम से उर्वरकों की उपलब्धता पर सतत निगरानी रखी जा रही है, ताकि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे अपनी वास्तविक आवश्यकता के अनुसार ही उर्वरकों का क्रय करें तथा संतुलित उर्वरक उपयोग को अपनाएं। विभाग द्वारा उर्वरकों की उपलब्धता एवं वितरण व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए आवश्यकतानुसार अतिरिक्त आवंटन एवं आपूर्ति की कार्यवाही भी सतत जारी है।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि खरीफ सीजन के दौरान उर्वरकों की उपलब्धता बनाए रखने तथा कालाबाजारी एवं अनियमितताओं पर प्रभावी नियंत्रण के लिए नियमित निरीक्षण एवं निगरानी की कार्रवाई जारी रहेगी, जिससे किसानों को समय पर गुणवत्तापूर्ण कृषि आदान उपलब्ध कराया जा सके।


