Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    Facebook X (Twitter) Instagram
    The DonThe Don
    • Home
    • देश
    • विदेश
    • राज्य
    • मध्यप्रदेश
      • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
    • छत्तीसगढ़
      • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
    • राजनीती
    • धर्म
    • अन्य खबरें
      • मनोरंजन
      • खेल
      • तकनीकी
      • व्यापार
      • करियर
      • लाइफ स्टाइल
    The DonThe Don
    Home»राज्य»रस्किन बॉन्ड का 92वां जन्मदिन: दून-मसूरी की यादों और पहाड़ों की धड़कन में बसते हैं रस्किन
    राज्य

    रस्किन बॉन्ड का 92वां जन्मदिन: दून-मसूरी की यादों और पहाड़ों की धड़कन में बसते हैं रस्किन

    News DeskBy News DeskMay 19, 2026No Comments3 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr WhatsApp Email Telegram Copy Link
    रस्किन बॉन्ड का 92वां जन्मदिन: दून-मसूरी की यादों और पहाड़ों की धड़कन में बसते हैं रस्किन
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Pinterest Email

    पहाड़ सिर्फ जगह नहीं होते, वे यादों की तरह हमारे भीतर बस जाते हैं। भारतीय अंग्रेजी साहित्य में प्रकृति, पहाड़, बचपन व मानवीय संवेदनाओं को सबसे सहज और आत्मीय भाषा देने वाले लेखक रस्किन बांड आज दून में अपना 92वां जन्मदिन मनाएंगे।

    उम्र के इस पड़ाव पर भी मसूरी की शांत वादियों में रहने वाले रस्किन बांड आज भी पाठकों के लिए उतने ही प्रिय हैं, जितने दशकों पहले थे। हालांकि, उनका स्वास्थ्य बीते कुछ दिनों से ठीक नहीं है और वह उपचार के बाद दून के डालनवाला निवासी अपने करीबी मित्र राहुल जैन के आवास पर स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं

    19 मई 1934 को हिमाचल प्रदेश के कसौली में जन्मे रस्किन बांड का बचपन जामनगर, देहरादून और शिमला जैसे शहरों में बीता। उनके पिता ब्रिटिश वायुसेना में थे, लेकिन कम उम्र में ही पिता का निधन हो गया।

     

    इसके बाद जीवन में अकेलापन, पहाड़ों की शांति और प्रकृति से जुड़ाव ने उनके भीतर लेखक को जन्म दिया। रस्किन बांड की शुरुआती पढ़ाई प्रतिष्ठित बिशप काटन स्कूल शिमला में हुई, मगर देहरादून व मसूरी उनकी रचनाओं की आत्मा बन गए।

    उन्होंने अपनी कई कहानियों और संस्मरणों में दून घाटी की बारिश, पुरानी गलियों, रेलवे स्टेशन, जंगलों और पहाड़ी लोगों को बेहद आत्मीयता से उकेरा। रस्किन बांड पिछले कई दशकों से मसूरी के लंढौर क्षेत्र में रह रहे हैं।

     

    उनकी दिनचर्या आज भी बेहद सादगी भरी मानी जाती है। किताबें, चाय, पहाड़ों की बारिश और बच्चों से मुलाकातें उनके जीवन का अहम हिस्सा हैं। लंढौर की छोटी-सी दुनिया से निकलकर उन्होंने वैश्विक पाठकों के दिलों में जगह बनाई।

     

    बच्चों के सबसे प्रिय लेखक

    रस्किन बांड को खास तौर पर बच्चों व युवा पाठकों का सबसे प्रिय लेखक माना जाता है। उनकी कहानियों में डर नहीं, अपनापन मिलता है। उनकी भाषा सरल है, लेकिन भावनाएं बेहद गहरीं। शायद यही वजह है कि कई पीढ़ियां उनकी किताबें पढ़ते हुए बड़ी हुई हैं। उनकी कई कहानियों पर फिल्में और टीवी सीरीज भी बन चुकी हैं। द ब्लू अम्ब्रेला और 7 खून माफ जैसी फिल्मों के जरिये उनकी रचनाएं बड़े पर्दे तक पहुंचीं।

    17 वर्ष की उम्र में लिखी द रूम ऑन-द-रूफ

    मूलरूप से रस्किन बांड का परिवार ब्रिटेन का है। उनकी चर्चित रचना द रूम आन द रूफ 17 वर्ष की उम्र में लिखी गई थी, जिसके लिए उन्हें 1957 में कामनवेल्थ राइटिंग के रूप में जान ल्यूवेलिन रीस पुरस्कार मिला था। यह उपन्यास देहरादून व उसके समीप के परिवेश से प्रेरित माना जाता है।

     

    इसके बाद टाइम स्टाप्स एट शमली, आवर ट्रीज स्टिल ग्रो इन देहरा, द ब्लू अम्ब्रेला, ए फ्लाइट आफ पिजन्स और रस्टी शृंखला जैसी रचनाओं ने उन्हें दुनिया भर में पहचान दिलाई। रस्किन ने 100 से अधिक कहानी, उपन्यास व कविताएं लिखी हैं। वर्ष 1963 में रस्किन पहाड़ों की रानी मसूरी आ गए।

     

    मिले सम्मान और पहचान

    भारतीय साहित्य में योगदान के लिए रस्किन बांड को साहित्य अकादमी पुरस्कार, पद्मश्री और पद्मभूषण जैसे सम्मान मिल चुके हैं। लेकिन पहाड़ों के इस लेखक की सबसे बड़ी पहचान आज भी उनके पाठकों का प्रेम है।

     

    92 साल की उम्र में भी रस्किन बांड सिर्फ एक लेखक नहीं, बल्कि पहाड़ों की याद, बचपन की मासूमियत और शब्दों में बसती संवेदनाओं का नाम हैं। मसूरी की ठंडी हवा में आज भी उनकी कहानियां सांस लेती महसूस होती हैं।

    पापा मंगलवार को 92 साल के हो जाएंगे। पिछले दिनों उन्हें स्वास्थ्य संबंधी कुछ परेशानी थी। इस पर देहरादून में उनका उपचार कराया गया। अब वह डालनवाला में अपने मित्र राहुल जैन के आवास पर स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं। उनके स्वास्थ्य में अब काफी सुधार है।

    -रस्किन के पुत्र राकेश बांड

    शेयर करें :-

    • Share on Facebook (Opens in new window) Facebook
    • Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp
    • Share on X (Opens in new window) X
    • Share on Telegram (Opens in new window) Telegram
    News Desk

    Related Posts

    Uttarakhand: सीएम धामी ने की राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक, ऋण जमा अनुपात बढ़ाने के दिए निर्देश

    July 9, 2026

    रेल मंत्री से मिले सीएम धामी: मुंबई-दून वंदे भारत पर केंद्र की सहमति; उत्तराखंड में बढ़ेगी रेल कनेक्टिविटी

    July 9, 2026

    उत्तराखंड: चर्चा में सीएम कार्यालय का आदेश; बहुगुणा लेंगे मंत्रियों के पांच करोड़ से ऊपर के कार्यों की रिपोर्ट

    July 9, 2026

    समृद्ध कृषि और सशक्त कृषक का आधार बना नैनो उर्वरक, आधुनिक कृषि तकनीकों से किसानों को मिल रहा लाभ, कम लागत में बढ़ रहा उत्पादन’…..

    July 9, 2026

    मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 से शिकायतों का हो रहा त्वरित समाधान, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन के संकल्प को मिल रही मजबूती……

    July 9, 2026

    ​सुशासन की नई बयार: सारंगढ़-बिलाईगढ़ के 859 परिवारों को मिला राशनकार्ड का ‘त्वरित’ उपहार…..

    July 9, 2026
    विज्ञापन
    विज्ञापन
    हमसे जुड़ें
    • Facebook
    • Twitter
    • Pinterest
    • Instagram
    • YouTube
    • Vimeo
    अन्य ख़बरें

    Uttarakhand: सीएम धामी ने की राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक, ऋण जमा अनुपात बढ़ाने के दिए निर्देश

    July 9, 2026

    रेल मंत्री से मिले सीएम धामी: मुंबई-दून वंदे भारत पर केंद्र की सहमति; उत्तराखंड में बढ़ेगी रेल कनेक्टिविटी

    July 9, 2026

    उत्तराखंड: चर्चा में सीएम कार्यालय का आदेश; बहुगुणा लेंगे मंत्रियों के पांच करोड़ से ऊपर के कार्यों की रिपोर्ट

    July 9, 2026

    समृद्ध कृषि और सशक्त कृषक का आधार बना नैनो उर्वरक, आधुनिक कृषि तकनीकों से किसानों को मिल रहा लाभ, कम लागत में बढ़ रहा उत्पादन’…..

    July 9, 2026
    हमारे बारे में

    यह एक हिंदी वेब न्यूज़ पोर्टल है जिसमें ब्रेकिंग न्यूज़ के अलावा राजनीति, प्रशासन, ट्रेंडिंग न्यूज, बॉलीवुड, खेल जगत, लाइफस्टाइल, बिजनेस, सेहत, ब्यूटी, रोजगार तथा टेक्नोलॉजी से संबंधित खबरें पोस्ट की जाती है।

    Disclaimer - समाचार से सम्बंधित किसी भी तरह के विवाद के लिए साइट के कुछ तत्वों में उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत सामग्री ( समाचार / फोटो / विडियो आदि ) शामिल होगी स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक इस तरह के सामग्रियों के लिए कोई ज़िम्मेदार नहीं स्वीकार करता है। न्यूज़ पोर्टल में प्रकाशित ऐसी सामग्री के लिए संवाददाता / खबर देने वाला स्वयं जिम्मेदार होगा, स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक की कोई भी जिम्मेदारी नहीं होगी. सभी विवादों का न्यायक्षेत्र रायपुर होगा

    हमसे सम्पर्क करें
    संपादक -
    मोबाइल -
    ईमेल -
    कार्यालय -
    July 2026
    M T W T F S S
     12345
    6789101112
    13141516171819
    20212223242526
    2728293031  
    « Jun    
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.