देहरादून. मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में कुंभ-2027 के संबंध में उच्च स्तरीय समिति की बैठक संपन्न हुई. बैठक के दौरान उच्च स्तरीय समिति द्वारा कुंभ-2027 से संबंधित विभिन्न प्रस्तावों को संस्तुति प्रदान की गई. मुख्य सचिव ने विभिन्न कार्यों, जिनके अभी तक जीओ जारी नहीं हुए हैं, उनके जीओ तत्काल जारी करने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने अस्थायी प्रकृति के छोटे कार्यों की संस्तुति के लिए पॉवर डेलीगेट करने की बात कही. उन्होंने कहा कि एक करोड़ से कम के अस्थायी कार्यों के लिए आयुक्त गढ़वाल की अध्यक्षता वाली समिति अनुशंसा करेगी.
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि कुंभ से संबंधित चंडी देवी एवं मनसा देवी मंदिर से जुड़ा काम शीघ्र शुरू किया जाए. कार्यों की आवश्यकता के अनुरूप प्राथमिकता तय करते हुए संस्तुति प्रदान की जाए. मुख्य सचिव ने विभिन्न विभागों द्वारा कराए जाने वाले टेंट एवं बैरिकेडिंग आदि की व्यवस्थाएं सुनिश्चित किए जाने वाले कार्यों के लिए एजेंसीज एंपैनल्ड करने के लिए बिडिंग प्रोसेस तत्काल शुरू कराने के निर्देश दिए. उन्होंने सभी संबंधित विभागों के सचिव और विभागाध्यक्षों को अपने-अपने स्तर से शीघ्र काम शुरू करने के लिए कहा.
मुख्य सचिव ने कुंभ कार्यों के लिए ऑडिट टीम भी शीघ्र तैनात करने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने सूचना, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग को अगली एचपीसी में अपनी अपनी कार्ययोजना प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए. उन्होंने मेलाधिकारी को कुंभ के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों की कार्ययोजना भी प्रस्तुत करने के लिए कहा. यातायात संकुलन दूर करने के लिए योजना तैयार कर शीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए. उन्होंने मेलाधिकारी को जारी निर्माण कार्यों को अक्टूबर 2026 तक अनिवार्य रूप से पूर्ण कराने के निर्देश दिए हैं.
मेलाधिकारी सोनिका ने बताया कि विभिन्न विभागों के 191.30 करोड़ लागत के कुल 33 कार्य हैं, जिनमें से 31 में कार्य प्रारम्भ हो चुका है और शेष 2 कार्यों की निविदा प्रक्रिया गतिमान है. उन्होंने सभी कार्यों को अक्टूबर 2026 तक पूर्ण किए जाने का भरोसा दिलाया. मुख्य सचिव ने सभी कार्यों की लगातार मॉनिटरिंग किए जाने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने मेलाधिकारी के साथ-साथ विभागीय सचिवों को भी अपने स्तर से मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने प्रत्येक सचिव समिति बैठक में कुंभ कार्यों से संबंधित प्रगति की रिपोर्ट भी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं.


