Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    Facebook X (Twitter) Instagram
    The DonThe Don
    • Home
    • देश
    • विदेश
    • राज्य
    • मध्यप्रदेश
      • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
    • छत्तीसगढ़
      • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
    • राजनीती
    • धर्म
    • अन्य खबरें
      • मनोरंजन
      • खेल
      • तकनीकी
      • व्यापार
      • करियर
      • लाइफ स्टाइल
    The DonThe Don
    Home»राज्य»छत्तीसगढ़»दोस्तों के कहने पर पंच बना, 26 साल में सरपंच, सीएम ने बताया कैसे हुई राजनीति में एंट्री, दिल्ली वाले घर को लोग कहते थे मिनी एम्स
    छत्तीसगढ़

    दोस्तों के कहने पर पंच बना, 26 साल में सरपंच, सीएम ने बताया कैसे हुई राजनीति में एंट्री, दिल्ली वाले घर को लोग कहते थे मिनी एम्स

    News DeskBy News DeskMay 7, 2025No Comments5 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr WhatsApp Email Telegram Copy Link
    दोस्तों के कहने पर पंच बना, 26 साल में सरपंच, सीएम ने बताया कैसे हुई राजनीति में एंट्री, दिल्ली वाले घर को लोग कहते थे मिनी एम्स
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Pinterest Email

    रायपुर
     दस साल की उम्र में पिता को खोने के बाद छत्तीसगढ़ के सीएम विष्णु देव साय के पास खेल-कूद और मौज-मस्ती के लिए समय ही नहीं था। चार भाइयों में सबसे बड़े होने के कारण उन्होंने तुरंत परिवार की जिम्मेदारी अपने कंधों पर उठा ली थी। सीएम साय ने बताया कि शायद इसीलिए वह कभी व्यक्तिगत रूचियों पर ध्यान नहीं दे पाए और अब उन्हें केवल सामाजिक कार्यों में ही सुकून मिलता है।

    26 साल की उम्र में बने सरपंच

    छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने परिवार और अपनी राजनीतिक यात्रा के बारे में बात की। उन्होंने बताया कि युवावस्था में ही वह गांव के पंच चुन लिए गए थे और पांच साल बाद वह 1990 में 26 साल की उम्र में सरपंच बन गए। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं सरपंच बनूंगा।’’ हालांकि, इसके बाद उनका राजनीतिक सफर आगे बढ़ता रहा। साय तीन बार विधायक और चार बार सांसद चुने गए। साल 2023 में वह सत्ता के शिखर पर पहुंचे, जब उन्हें छत्तीसगढ़ का पहला आदिवासी मुख्यमंत्री चुना गया। उन्होंने कहा, ‘‘पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी को भी आदिवासी मुख्यमंत्री कहा जाता है लेकिन उनके निधन तक उनका आदिवासी दर्जा विवाद में रहा।’’

    10 साल की उम्र में हो गया था निधन

    सीएम साय ने बताया कि ‘‘बचपन में मुझे खेल-कूद का मौका नहीं मिला क्योंकि 10 साल की उम्र में मेरे पिता का निधन हो गया था। उनके निधन के बाद पूरे परिवार की जिम्मेदारी मेरे कंधों पर आ गई क्योंकि मैं चार भाइयों में सबसे बड़ा था। मेरा सबसे छोटा भाई तब दो महीने का था। मेरे पिता के तीन भाई थे और वे सभी अलग-अलग गांवों में रहते थे। मुझे अपने छोटे भाइयों और मां की देखभाल के साथ-साथ हमारे गांव बगिया में खेती-किसानी का काम भी करना था।’’

    उन्होंने कहा, ‘‘तब मैंने खेती-किसानी करके अपने भाइयों को शिक्षित करने का फैसला किया ताकि वे जीवन में सफल हो सकें। मैंने कभी सरपंच बनने के बारे में नहीं सोचा था।’’ साय ने कहा कि उन्होंने कॉलेज की पढ़ाई छोड़ दी और स्थानीय ग्रामीणों के कहने पर अपने गांव के पंच बन गए। उन्होंने कहा, ‘‘गांव के कुछ लोगों ने मुझे पंच बनने के लिए कहा और मैंने यह जिम्मेदारी संभाल ली। पांच साल तक मेरा काम देखने के बाद उन्होंने 1990 में मुझे निर्विरोध सरपंच चुन लिया।’’

    बीजेपी ने दिया टिकट

    उन्होंने कहा कि सरपंच बनने के छह महीने के भीतर ही राज्य में विधानसभा चुनाव हुआ और भाजपा के उम्मीदवार के रूप में चुनाव में उतारा गया। उन्होंने कहा, ‘‘मैं तब 25-26 साल का था और सीख रहा था। मैंने पार्टी से कहा कि ‘मैं विधायक बनने के लायक नहीं हूं।’ मैंने 1990 में तत्कालीन मध्य प्रदेश के जशपुर जिले की तपकारा सीट से चुनाव लड़ा और जीता। यह विधायक के रूप में मेरी यात्रा की शुरुआत थी।’’

    साय 1993 में लगातार दूसरी बार तपकारा से चुने गए। 1998 में, उन्होंने पड़ोस के पत्थलगांव सीट से विधानसभा चुनाव लड़ा, लेकिन हार गए। बाद में वह लगातार चार बार – 1999, 2004, 2009 और 2014 में रायगढ़ लोकसभा क्षेत्र से सांसद चुने गए। 2014 में केंद्र में नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार बनने के बाद, उन्हें केंद्रीय इस्पात और खान राज्य मंत्री नियुक्त किया गया। मौजूदा विधानसभा में वह कुनकुरी सीट से विधायक हैं।

    कैसा रहा राजनीति सफर

    उन्होंने 2006 से 2010 तक और फिर जनवरी 2014 से उसी वर्ष अगस्त तक छत्तीसगढ़ बीजेपी के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया। राज्य में 2018 में भाजपा की सत्ता जाने के बाद, उन्हें 2020 में फिर से प्रदेश अध्यक्ष के रूप में पार्टी का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी दी गई। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने राजनीति में ‘जनसेवा’ के लिए प्रवेश किया। लोगों की बात सुनना और उनकी समस्याओं को हल करने का प्रयास करना अच्छा लगता है। जब मैं बीमार लोगों की मदद करता हूं तब मुझे बहुत संतुष्टि मिलती है। मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं राजनेता बनूंगा। मुझे जो भी जिम्मेदारी सौंपी गईं, मैंने उन्हें पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निभाया।’’

    दिल्ली का घर कहलाता था मिनी एम्स

    सांसद रहते हुए दिल्ली में अपने आवास को ‘‘मिनी एम्स’’ कहे जाने को याद करते हुए, साय ने कहा, ‘‘दिवंगत भाजपा नेता दिलीप सिंह जूदेव दिल्ली में मेरे फ्लैट पर आते थे और वहां एम्स दिल्ली में भर्ती लोगों के रिश्तेदारों को ठहरा हुआ देखकर कहते थे कि आपने अपना घर ‘मिनी एम्स’ बना लिया है।’’

    मरीज के परिजनों के लिए करता था खाने की व्यवस्था

    उन्होंने कहा, ‘‘जब मैं केंद्र में राज्य मंत्री था, तब मैं रोजाना 70-80 लोगों के भोजन की व्यवस्था करता था, जिनके परिजन अस्पताल में भर्ती होते थे। मुख्यमंत्री बनने के बाद भी मैंने यहां कुनकुरी सदन की स्थापना की है, जहां राज्य भर से इलाज के लिए रायपुर आने वाले लोगों को विभिन्न प्रकार की सहायता और मार्गदर्शन प्रदान किया जाता है।’’

    परिवार के कई सदस्य राजनीति में

    साय राजनीतिक परिवार से आते हैं। उन्होंने बताया, ‘‘मेरा परिवार शुरू से ही राजनीति में रहा है। आजादी के बाद, मेरे दादा दिवंगत बुधनाथ साय 1947 से 1952 तक मनोनीत विधायक थे। मेरे चाचा (दादा के छोटे भाई के बेटे) दिवंगत नरहरि प्रसाद साय ने तीन बार विधायक के रूप में कार्य किया और सांसद (1977-79) भी चुने गए। उन्होंने जनता पार्टी सरकार में केंद्रीय राज्य मंत्री के रूप में कार्य किया। बाद में मेरे चचेरे भाई रोहित साय भी विधायक चुने गए।’’ मुख्यमंत्री ने बताया कि उनके पिता के बड़े भाई दिवंगत केदारनाथ साय भी जनसंघ सदस्य के रूप में तपकारा से विधायक चुने गए थे।

    शेयर करें :-

    • Share on Facebook (Opens in new window) Facebook
    • Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp
    • Share on X (Opens in new window) X
    • Share on Telegram (Opens in new window) Telegram
    News Desk

    Related Posts

    Uttarakhand News: ‘बार-बार दफ्तरों के चक्कर नहीं’, CM धामी का अधिकारियों को सख्त संदेश, जनसमस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश…..

    September 21, 2026

    Uttarakhand News: गांवों को मजबूत करने का धामी मॉडल! मजबूत नेतृत्व से एम-पैक्स, एम-पैक्स से गांव और गांवों से समृद्ध बनेगा उत्तराखंड….

    September 21, 2026

    सेवा का संकल्प, विकास की धार : नगरी के पंडरवाही में घर-घर नल से बह रही खुशहाली…..

    September 21, 2026

    महिला की गोली मारकर हत्या, पुलिस को फोन कर पति ने दी सूचना; फिर मोबाइल बंद कर फरार

    September 21, 2026

    सरकार की ‘बिजली बिल समाधान योजना’, धमतरी के विशाल परिवार के लिए बनी नई सुबह, बकाया मुक्त जीवन की ओर बढ़ता कदम…..

    September 21, 2026

    ’सेवा की कहानी: प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से रीता की रसोई हुई धुआंमुक्त, खेती-बाड़ी के लिए बचने लगा समय’…..

    September 21, 2026
    विज्ञापन
    विज्ञापन
    हमसे जुड़ें
    • Facebook
    • Twitter
    • Pinterest
    • Instagram
    • YouTube
    • Vimeo
    अन्य ख़बरें

    Uttarakhand News: ‘बार-बार दफ्तरों के चक्कर नहीं’, CM धामी का अधिकारियों को सख्त संदेश, जनसमस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश…..

    September 21, 2026

    Uttarakhand News: गांवों को मजबूत करने का धामी मॉडल! मजबूत नेतृत्व से एम-पैक्स, एम-पैक्स से गांव और गांवों से समृद्ध बनेगा उत्तराखंड….

    September 21, 2026

    सेवा का संकल्प, विकास की धार : नगरी के पंडरवाही में घर-घर नल से बह रही खुशहाली…..

    September 21, 2026

    महिला की गोली मारकर हत्या, पुलिस को फोन कर पति ने दी सूचना; फिर मोबाइल बंद कर फरार

    September 21, 2026
    हमारे बारे में

    यह एक हिंदी वेब न्यूज़ पोर्टल है जिसमें ब्रेकिंग न्यूज़ के अलावा राजनीति, प्रशासन, ट्रेंडिंग न्यूज, बॉलीवुड, खेल जगत, लाइफस्टाइल, बिजनेस, सेहत, ब्यूटी, रोजगार तथा टेक्नोलॉजी से संबंधित खबरें पोस्ट की जाती है।

    Disclaimer - समाचार से सम्बंधित किसी भी तरह के विवाद के लिए साइट के कुछ तत्वों में उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत सामग्री ( समाचार / फोटो / विडियो आदि ) शामिल होगी स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक इस तरह के सामग्रियों के लिए कोई ज़िम्मेदार नहीं स्वीकार करता है। न्यूज़ पोर्टल में प्रकाशित ऐसी सामग्री के लिए संवाददाता / खबर देने वाला स्वयं जिम्मेदार होगा, स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक की कोई भी जिम्मेदारी नहीं होगी. सभी विवादों का न्यायक्षेत्र रायपुर होगा

    हमसे सम्पर्क करें
    संपादक -
    मोबाइल -
    ईमेल -
    कार्यालय -
    September 2026
    M T W T F S S
     123456
    78910111213
    14151617181920
    21222324252627
    282930  
    « Aug    
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.