Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    Facebook X (Twitter) Instagram
    The DonThe Don
    • Home
    • देश
    • विदेश
    • राज्य
    • मध्यप्रदेश
      • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
    • छत्तीसगढ़
      • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
    • राजनीती
    • धर्म
    • अन्य खबरें
      • मनोरंजन
      • खेल
      • तकनीकी
      • व्यापार
      • करियर
      • लाइफ स्टाइल
    The DonThe Don
    Home»व्यापार»सर्वे के अनुसार, भारतीय अर्थव्यवस्था 2025-26 में तेज़ी से आगे बढ़ेगी
    व्यापार

    सर्वे के अनुसार, भारतीय अर्थव्यवस्था 2025-26 में तेज़ी से आगे बढ़ेगी

    News DeskBy News DeskJanuary 30, 2025No Comments3 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr WhatsApp Email Telegram Copy Link
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Pinterest Email

    उद्योग जगत का मानना है कि सरकार ने अब तक जो सुधार किए हैं, उनका सकारात्मक असर अगले वित्त वर्ष में वृद्धि दर को आगे बढ़ाने में दिखेगा। राजकोषीय नीतियों को इन प्राथमिकताओं के साथ जोड़कर आगामी बजट आर्थिकी में समानता और दक्षता सुनिश्चित करते हुए वृद्धि के लिए उत्प्रेरक का कार्य कर सकता है। यह सर्वे विभिन्न उद्योगों के 155 से अधिक लोगों से बातचीत पर आधारित है। संयुक्त राष्ट्र ने कैलेंडर वर्ष 2025 के लिए वृद्धि अनुमान को 6.6 फीसदी पर बरकरार रखा है।

    रुपये की गिरावट और घटते विदेशी निवेश को देखते हुए नीति में संशोधन की आवश्यकता 

    सुझाव मूडीज एनालिटिक्स ने 2025 के लिए भारत की जीडीपी वृद्धि दर के अनुमान के संदर्भ में दिया है। इसका मतलब है कि अगर भारत को 2025 में 6.4% की आर्थिक वृद्धि हासिल करनी है, तो सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) को अपनी नीतियों में कुछ अहम बदलाव करने होंगे।

    1. रुपये की गिरावट: रुपये की मूल्य में गिरावट से भारतीय व्यापार पर नकारात्मक असर हो सकता है, खासकर अगर विदेशी निवेश में कमी आ रही हो। इस समस्या का समाधान करने के लिए सरकार को अपनी मौद्रिक नीति को समायोजित करने की जरूरत होगी, ताकि रुपये की स्थिति बेहतर हो सके।

    2. घटता विदेशी निवेश: भारत में विदेशी निवेश कम हो रहा है, जो आर्थिक वृद्धि को प्रभावित कर सकता है। इसके लिए सरकार को ऐसे उपाय करने होंगे, जिससे निवेशकों का विश्वास मजबूत हो और विदेशी निवेश बढ़े।

    3. महंगाई का दबाव: महंगाई और अस्थिरता से घरेलू बाजार में मांग कम हो सकती है, जिससे आर्थिक वृद्धि प्रभावित हो सकती है। इस पर काबू पाने के लिए, सरकार को अपनी राजकोषीय नीति में सुधार करते हुए महंगाई को नियंत्रित करने के उपायों पर ध्यान देना होगा।

    4. ऊंची ब्याज दरें: लंबे समय तक ऊंची ब्याज दरों का असर घरेलू मांग पर पड़ सकता है, क्योंकि लोगों के लिए कर्ज लेना महंगा हो जाता है। सरकार और RBI को नीति में बदलाव कर ब्याज दरों को संतुलित रखने की आवश्यकता हो सकती है।

    5. निर्यात पर असर: अमेरिका जैसे देशों द्वारा भारतीय आयातों पर शुल्क बढ़ाने से निर्यात क्षेत्र को चुनौती मिल सकती है, जिससे आर्थिक वृद्धि पर असर पड़ सकता है। इसके लिए निर्यात नीति में बदलाव की जरूरत हो सकती है।

    इन समस्याओं को हल करने के लिए राजकोषीय (सरकारी खर्च और कर नीतियां) और मौद्रिक नीति (ब्याज दरें और मुद्रा आपूर्ति नियंत्रण) में बदलाव आवश्यक हैं। इससे भारत की आर्थिक वृद्धि दर को 6.4% तक पहुंचाने के लिए एक स्थिर और संतुलित वातावरण बनेगा।

     

    शेयर करें :-

    • Click to share on Facebook (Opens in new window)
    • Click to share on WhatsApp (Opens in new window)
    • Click to share on X (Opens in new window)
    • Click to share on Telegram (Opens in new window)
    News Desk

    Related Posts

    एक पेड़ मां के नाम अवश्य लगे पर्यावरण बचाएं

    July 2, 2025

    बढ़त के साथ बंद हुआ शेयर बाजार

    June 24, 2025

    बड़ी कंपनियों का नया खेला

    June 24, 2025

    गिरावट के साथ बंद हुआ शेयर बाजार

    June 19, 2025

    गिरावट के साथ बंद हुआ शेयर बाजार

    June 18, 2025

    गिरावट के साथ बंद हुआ शेयर बाजार

    June 17, 2025
    Add A Comment

    Leave A Reply Cancel Reply

    विज्ञापन
    विज्ञापन
    हमसे जुड़ें
    • Facebook
    • Twitter
    • Pinterest
    • Instagram
    • YouTube
    • Vimeo
    अन्य ख़बरें

    राज्यपाल रमेन डेका ने खैरागढ़ विश्वविद्यालय में निर्मित असम के प्रसिद्ध साहित्यकार के कांस्य प्रतिमा का किया अनावरण…..

    November 18, 2025

    रायपुर : किसान छबीलाल बारी ने समर्थन मूल्य पर धान खरीदी नीति की सराहना

    November 18, 2025

    क्या अब गांव का कचरा भी हम देखें? सुप्रीम कोर्ट की कड़ी फटकार

    November 18, 2025

    उत्तर बस्तर कांकेर : समर्थन मूल्य पर धान खरीदी 2025-26 : सहकारी समिति प्रबंधक, खरीदी केन्द्र प्रभारी एवं कम्प्यूटर ऑपरेटर के खिलाफ एफआईआर दर्ज

    November 18, 2025
    हमारे बारे में

    यह एक हिंदी वेब न्यूज़ पोर्टल है जिसमें ब्रेकिंग न्यूज़ के अलावा राजनीति, प्रशासन, ट्रेंडिंग न्यूज, बॉलीवुड, खेल जगत, लाइफस्टाइल, बिजनेस, सेहत, ब्यूटी, रोजगार तथा टेक्नोलॉजी से संबंधित खबरें पोस्ट की जाती है।

    Disclaimer - समाचार से सम्बंधित किसी भी तरह के विवाद के लिए साइट के कुछ तत्वों में उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत सामग्री ( समाचार / फोटो / विडियो आदि ) शामिल होगी स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक इस तरह के सामग्रियों के लिए कोई ज़िम्मेदार नहीं स्वीकार करता है। न्यूज़ पोर्टल में प्रकाशित ऐसी सामग्री के लिए संवाददाता / खबर देने वाला स्वयं जिम्मेदार होगा, स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक की कोई भी जिम्मेदारी नहीं होगी. सभी विवादों का न्यायक्षेत्र रायपुर होगा

    हमसे सम्पर्क करें
    संपादक -
    मोबाइल -
    ईमेल -
    कार्यालय -
    February 2026
    M T W T F S S
     1
    2345678
    9101112131415
    16171819202122
    232425262728  
    « Nov    
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.