Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    Facebook X (Twitter) Instagram
    The DonThe Don
    • Home
    • देश
    • विदेश
    • राज्य
    • मध्यप्रदेश
      • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
    • छत्तीसगढ़
      • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
    • राजनीती
    • धर्म
    • अन्य खबरें
      • मनोरंजन
      • खेल
      • तकनीकी
      • व्यापार
      • करियर
      • लाइफ स्टाइल
    The DonThe Don
    Home»राज्य»मध्यप्रदेश»कला साध्य भी है, आराध्य भी है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
    मध्यप्रदेश

    कला साध्य भी है, आराध्य भी है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    News DeskBy News DeskJanuary 3, 2025No Comments5 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr WhatsApp Email Telegram Copy Link
    कला साध्य भी है, आराध्य भी है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Pinterest Email

    भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को एनसीईआरटी परिसर भोपाल के कला मंडपम में संस्कृति और कला के अनूठे संगम राष्ट्रीय कला उत्सव 2024-25 का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्जवलित कर भव्य आयोजन की शुरुआत की। कार्यक्रम में पारंपरिक और आधुनिक कला सामंजस्य का सुंदर समावेश किया गया है। राष्ट्रीय कला उत्सव 2024-25 सोमवार 6 जनवरी तक चलेगा, जिसमें देशभर से आए कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कला हमारे समाज, हमारी संस्कृति का प्रतिबिंब है। इसे बढ़ावा देना हमारी सांस्कृतिक विरासत को सहेजने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। कला एक साधना और कलाकार एक साधक है। कला साध्य भी है और आराध्य भी है। कला ही समाज को अलंकृत करती है। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा कलाकारों और सांस्कृतिक संस्थाओं को हर संभव समर्थन देने की बात कही और कला के संरक्षण और संवर्धन पर जोर दिया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भगवान श्रीकृष्ण का उदाहरण देते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण 64 कलाओं और 14 विधाओं में निपुण थे। वे ललित कलाओं में पारंगत थे। वे रागी थे, अनुरागी थे, धर्म की स्थापना के लिए इस धरा पर आये परम योगी थे। यौगिक क्रियाओं के प्रवर्तक श्रीकृष्ण सच्चे अर्थों में योगिराज थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अनेकता से एकता भारत की विशेषता है। हमें अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत पर नाज़ करना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह उत्सव, भारत सरकार द्वारा वर्ष 2015 से प्रारंभ किया गया यह एक अनूठा कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों की कलात्मक प्रतिभा को विकसित करना और भारतीय कला एवं शिल्प की धरोहर को संरक्षित तथा यथावत रखना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत की सांस्कृतिक परंपरा को विद्यार्थियों में प्रचारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 शिक्षा के माध्यम से कला और संस्कृति को बढ़ावा देने पर बल देती है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय कला एवं संस्कृति का संवर्धन न केवल राष्ट्र, बल्कि प्रत्येक नागरिक के लिए भी महत्वपूर्ण है। कला एवं संस्कृति विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों और नैतिकता की भावना को विकसित करती है, जिससे वे मशीनी होने की अपेक्षा संवदेनशील मनुष्य बन पाते हैं। कला की कोई भी विधा हो, यह अधिगम का एक सशक्त माध्यम है। कला चाहे नृत्य हो, गायन हो, वादन हो, चित्रण हो, शिल्पकला या अन्य कोई भी विधा हो अथवा स्थानीय/पारम्परिक खेल-खिलौने हों, ये सभी विधाएं विद्यार्थियों के शारीरिक, मानसिक, वैचारिक, सामाजिक, भावनात्मक और व्यावहारिक विकास में वृद्धि करती हैं। कला उत्सव, हमारे विद्यार्थियों को एक ऐसा मंच प्रदान कर रहा है, जहाँ वे संपूर्ण भारत के सांस्कृतिक रूप को समग्रता में अनुभव कर सकते हैं। कला उत्सव में अलग-अलग राज्यों से जुड़े छात्र-छात्राओं का परस्पर संवाद उन्हें संपूर्ण भारत से जुड़ाव की अनुभूति कराता है।

    स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह ने देश के विभिन्न अंचलों से आये बाल कलाकारों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि यह कला उत्सव बाल कलाकारों को उनकी प्रतिभा की अभिव्यक्ति/प्रदर्शन का मंच प्रदान करता है। उन्होंने आल्हादित होकर कहा कि आज हमारे बच्चे ज्ञान-विज्ञान, कला-कौशल, संस्कृति से जुड़कर अपनी मेधा से देश का नाम रोशन कर रहे हैं। बाल कलाकार अपनी कला को ओर अधिक निखारें। पूरा क्षितिज उनका है, भविष्य उन्हीं का है।

    केन्द्रीय शिक्षा एवं साक्षरता मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव आनंदराव विष्णु पाटिल ने बताया कि विकसित भारत अभियान एवं एक भारत श्रेष्ठ भारत की मूल मंशा के लिये इस कला उत्सव का यह 10वां संस्करण है। इसके जरिए बच्चे अपनी कला को और निखार रहे हैं।

    एनसीईआरटी नई दिल्ली के निदेशक प्रो. दिनेश प्रसाद सकलानी ने कहा कि हमारी नई शिक्षा नीति पूरी तरह भारतीयता से समावेशित है। यह ऐसी है कि विद्यार्थियों को कला विषय में विज्ञान का और विज्ञान व सामाजिक विज्ञान विषय में कला का बोध होता है। हमने अब तक जो किया वह विकसित भारत के निर्माण को समर्पित है। कला उत्सव में तीन दिन बाल कलाकारों का प्रदर्शन होता है। चौथे व अंतिम दिन जूरी द्वारा कलाकारों को पुरस्कृत कर कला उत्सव का समापन किया जाता है।

    स्वागत भाषण में कला उत्सव की राष्ट्रीय संयोजक प्रो. ज्योत्सना तिवारी ने बताया कि यह 10वां एवं भोपाल में आयोजित तीसरा राष्ट्रीय कला उत्सव है। आयोजन का मूल उद्देश्य है कि अपनी कला के जरिए बच्चे आगे बढ़े। देश भर के करीब 500 बाल कलाकार अपने शिक्षकों/अभिभावकों के साथ भोपाल आकर आयोजन को सफल बना रहे हैं।

    कार्यक्रम में विधायक भगवानदास सबनानी, महापौर श्रीमती मालती राय, केन्द्रीय शिक्षा एवं साक्षरता मंत्रालय में संयुक्त सचिव श्रीमती अर्चना शर्मा, डॉ. दीपक पालीवाल, प्रो. चित्रा सिंह, प्रो. रत्नामाला आर्य, एन.सी. ओझा सहित बड़ी संख्या में आये बाल कलाकार, शिक्षक, अभिभावक एवं दर्शक उपस्थित थे।

    केंद्रीय शिक्षा एवं साक्षरता मंत्रालय की पहल पर राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसन्धान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) नई दिल्ली द्वारा क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान, भोपाल और पं. सुन्दरलाल शर्मा केंद्रीय व्यावसायिक शिक्षा संस्थान, भोपाल में 10वें राष्ट्रीय कला उत्सव का आयोजन किया गया है। इसमें केंद्रीय विद्यालय संगठन, नवोदय विद्यालय समिति, एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय सहित भारत के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के माध्यमिक स्तर के लगभग साढ़े पांच सौ विद्यार्थी अपने एस्कॉर्ट के साथ भाग ले रहे हैं। गायन, वादन, नृत्य, दृश्य कला, रंगमंच और परम्परागत कहानी जैसी कला-विधाओं पर हो रहे इस कला उत्सव में भारत के लब्ध-प्रतिष्ठ कला साधकों को निर्णायकों के रूप में आमंत्रित किया गया है। अव्वल प्रदर्शन करने वाले बाल कलाकारों को क्रमश: स्वर्ण, रजत एवं कांस्य पदक/पुरस्कार से नवाजा जाएगा।

    शेयर करें :-

    • Share on Facebook (Opens in new window) Facebook
    • Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp
    • Share on X (Opens in new window) X
    • Share on Telegram (Opens in new window) Telegram
    News Desk

    Related Posts

    Dehradun: केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू बोले-पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों को भगाया जाता है, भारत में नहीं

    July 12, 2026

    Uttarakhand News: देहरादून में छठे ‘लोक संवर्धन पर्व’ का आगाज, केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू और CM धामी ने किया शुभारंभ….

    July 12, 2026

    Uttarakhand News: देहरादून में छठे ‘लोक संवर्धन पर्व’ का आगाज, केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू और CM धामी ने किया शुभारंभ….

    July 12, 2026

    दशकों का अंधेरा छँटा: ‘नियद नेल्लानार योजना’ से जगमगाए नारायणपुर के वनांचल गांव….

    July 12, 2026

    24 घंटे में मिली ट्राइसाइकिल, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की संवेदनशील पहल से दिव्यांग गणेश राम यादव के जीवन को मिली नई रफ्तार….

    July 12, 2026

    ​डिजिटल क्रांति से बदली नारायणपुर के किसानों की तकदीर: एग्रीस्टेक पंजीयन ने दूर की खाद-बीज की चिंता….

    July 12, 2026
    विज्ञापन
    विज्ञापन
    हमसे जुड़ें
    • Facebook
    • Twitter
    • Pinterest
    • Instagram
    • YouTube
    • Vimeo
    अन्य ख़बरें

    Dehradun: केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू बोले-पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों को भगाया जाता है, भारत में नहीं

    July 12, 2026

    Uttarakhand News: देहरादून में छठे ‘लोक संवर्धन पर्व’ का आगाज, केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू और CM धामी ने किया शुभारंभ….

    July 12, 2026

    Uttarakhand News: देहरादून में छठे ‘लोक संवर्धन पर्व’ का आगाज, केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू और CM धामी ने किया शुभारंभ….

    July 12, 2026

    दशकों का अंधेरा छँटा: ‘नियद नेल्लानार योजना’ से जगमगाए नारायणपुर के वनांचल गांव….

    July 12, 2026
    हमारे बारे में

    यह एक हिंदी वेब न्यूज़ पोर्टल है जिसमें ब्रेकिंग न्यूज़ के अलावा राजनीति, प्रशासन, ट्रेंडिंग न्यूज, बॉलीवुड, खेल जगत, लाइफस्टाइल, बिजनेस, सेहत, ब्यूटी, रोजगार तथा टेक्नोलॉजी से संबंधित खबरें पोस्ट की जाती है।

    Disclaimer - समाचार से सम्बंधित किसी भी तरह के विवाद के लिए साइट के कुछ तत्वों में उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत सामग्री ( समाचार / फोटो / विडियो आदि ) शामिल होगी स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक इस तरह के सामग्रियों के लिए कोई ज़िम्मेदार नहीं स्वीकार करता है। न्यूज़ पोर्टल में प्रकाशित ऐसी सामग्री के लिए संवाददाता / खबर देने वाला स्वयं जिम्मेदार होगा, स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक की कोई भी जिम्मेदारी नहीं होगी. सभी विवादों का न्यायक्षेत्र रायपुर होगा

    हमसे सम्पर्क करें
    संपादक -
    मोबाइल -
    ईमेल -
    कार्यालय -
    July 2026
    M T W T F S S
     12345
    6789101112
    13141516171819
    20212223242526
    2728293031  
    « Jun    
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.