Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    Facebook X (Twitter) Instagram
    The DonThe Don
    • Home
    • देश
    • विदेश
    • राज्य
    • मध्यप्रदेश
      • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
    • छत्तीसगढ़
      • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
    • राजनीती
    • धर्म
    • अन्य खबरें
      • मनोरंजन
      • खेल
      • तकनीकी
      • व्यापार
      • करियर
      • लाइफ स्टाइल
    The DonThe Don
    Home»राज्य»मध्यप्रदेश»प्रदेश के सैकड़ों गांवों के नक्शे व खसरे गायब
    मध्यप्रदेश

    प्रदेश के सैकड़ों गांवों के नक्शे व खसरे गायब

    News DeskBy News DeskDecember 20, 2024No Comments4 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr WhatsApp Email Telegram Copy Link
    प्रदेश के सैकड़ों गांवों के नक्शे व खसरे गायब
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Pinterest Email

    नए सिरे से कैसे हो सीमा तय, अमला असमंजस में

    भोपाल । प्रदेश में 42 साल बाद पुर्नगठन आयोग का गठन किया गया है। आयोग ने अपना काम शुरु यिका तो पता चला कि प्रदेश में 661 गांव हैं, जिनके नक्शे ही नहीं हैं। इसी तरह से 778 गांवों के खसरे भी नहीं है। इस स्थिति को देखते हुए अब आयोग के सामने इसकी नई समस्या खड़ी हो गई है। ऐसे में संबधित गांवों को किस प्रशासनिक इकाई से जोड़ा जाए और उसका क्षेत्रफल और अन्य तरह की वहां मौजूद प्राकृति संसाधनों को किस के हिस्से में रखा जाए। अहम बात यह है कि यह गांव न तो मैन्युअल तरीके से सीमांकन में दुरुस्त हैं और और न डिजिटल मैपिंग में भी सामने आए हैं। अब जब सरकार पूरे प्रदेश का नया नक्शा बना रही है, तो पहले ऐसे गांवों के रिकॉर्ड को दुरुस्त करने की कवायद करनी पड़ रही है। सैटेलाइट के जरिए मैपिंग का प्रयास किया जाना है और इन गांवों के खसरे से लेकर सीमांकन की सरहद तक का आंकलन किया जाना है। दरअसल, इसका पता जब चला जब मैन्युअल रिकार्ड को डिजिटल किया जा रहा था। बीते एक दशक से प्रदेश में जमीनों के रिकॉर्ड को डिजिटल करने का काम किया जा रहा है। इसके बाद भी करीब 661 गांवों के नक्शे नहीं बने हैं। वजह यह रही कि निकायों की सीमा बढऩे, पंचायतों की सीमा में फेरबदल के बाद गांवों के सीमांकन में लापरवाही की गई। इसके अलावा 778 गांवों के खसरे ही नहीं हैं। सरकार ने जिलों-संभागों व शहरों की सीमाओं का पुनर्गठन करने राज्य प्रशासनिक इकाई पुनर्गठन आयोग बनाया है। इसके तहत जिले बढ़ाए जा सकते हैं। इस काम में भी पंचायतों की सीमाओं को लेकर गांवों के रिकॉर्ड दुरुस्त करना जरूरी हो गया है। हालांकि आयोग मुख्यत: आम आदमी की समस्याओं के समाधान को फोकस करके सीमाओं का पुर्ननिर्धारण करेगा।

    बदेलगा जिलों से लेकर तहसीलों तक का नक्शा
    भौगोलिक और प्रशासनिक दृष्टि से नया मध्यप्रदेश बनाने की प्रक्रिया राज्य सरकार प्रारंभ कर चुकी है। प्रदेश में नए संभागों, जिलों, तहसीलों के गठन के लिए पुनर्गठन आयोग बनाया गया है जिसने अपनी कवायद चालू कर दी है। आयोग की रिपोर्ट के आधार पर ही प्रदेश के भौगोलिक और प्रशासनिक ढांचे में व्यापक परिवर्तन किया जाना है। मध्यप्रदेश में 42 साल बाद यह कवायद की जा रही है। राज्य सरकार ने पुनर्गठन आयोग की घोषणा कर सितंबर में पहले सदस्य की नियुक्ति कर दी थी। पुर्नगठन आयोग के लिए 9 सितम्बर को आदेश जारी कर रिटायर्ड आईएएस मनोज श्रीवास्तव को सदस्य नियुक्त किया। 18 अक्टूबर को रिटायर्ड आईएएस मुकेश शुक्ला को भी आयोग का सदस्य बना दिया गया था। इसके अलावा सामान्य प्रशासन विभाग जीएडी के अपर सचिव अक्षय कुमार सिंह को प्रशासनिक इकाई पुर्नगठन आयोग का सचिव बनाया गया है। इस संबंध में सरकार ने 12 नवम्बर को आदेश जारी कर अपर सचिव सिंह को आयोग के सचिव का अतिरिक्त प्रभार दिया है। बता दें कि प्रदेश के संभागों, जिलों और तहसीलों के पुर्नगठन की कवायद 42 साल बाद दोबारा शुरु हुई है। इससे पहले सन 1982 में यह काम किया गया था। पुर्नगठन आयोग के दो सदस्य बनाने के बाद राज्य सरकार द्वारा सचिव की नियुक्ति कर दिए जाने के बाद इसके काम में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।

    बन सकते हैं तीन नए जिले
    प्रदेश में अब तीन जिले बनाने की मांग और तेज हो गई है। वहीं बीना को जिला बनाने की मांग लगभग 40 सालों से हो रही है, इसी को लेकर विधायक निर्मला सप्रे ने भाजपा ज्वाइन की थी, लेकिन उनके भाजपा ज्वाइन करने के बाद खुरई को जिला बनाने की लॉबिंग होने लगी। बीना को जिला बनाया जाता है तो खुरई, बीना, मालथौन कुरवाई, पठारी, बांदरी को इसमें शामिल किया जा सकता है। सिरोंज की विदिशा से दूरी लगभग 85 किलोमीटर दूर है, जिसके चलते वहां के लोगों को प्रशासनिक कार्यों के लिए विदिशा पहुंचने में काफी समय लग जाता है। सिरोंज को जिला बनाने से लटेरी तहसील और ग्राम पंचायत आनंदपुर को इसमें शामिल किया जा सकता है। लेकिन आनंदपुर को गुना जिले में शामिल करने का भी सुझाव दिया गया है। क्योंकि आनंदपुर से सिरोंज और गुना की दूरी बराबर है। नर्मदापुरम जिले से अलग कर पिपरिया को भी अलग जिला बनाया जा सकता है, नर्मदपुरम से पिपरिया की दूरी 70 किलोमीटर है। विधानसभा चुनाव के दौरान पिपरिया को जिला बनाने की मांग तेज हुई थी। इस जिला बनाने को लेकर धरना, प्रदर्शन और हड़ताल भी की गई थी।

    शेयर करें :-

    • Share on Facebook (Opens in new window) Facebook
    • Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp
    • Share on X (Opens in new window) X
    • Share on Telegram (Opens in new window) Telegram
    News Desk

    Related Posts

    सेवा संकल्प अभियान : 07 अक्टूबर को नगर में निकलेगी भव्य सेवा ज्योति यात्रा, केबिनेट मंत्री गजेन्द्र यादव ने अधिकारियों एवं नागरिकों के साथ की तैयारियों की समीक्षा….

    October 3, 2026

    मेहनत और लगन से प्रतिभाओं ने बढ़ाया परिवार व समाज का गौरव- उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा……

    October 3, 2026

    इतिहास रचने के लिए अटूट परिश्रम और निरंतर प्रयास ज़रूरी – मंत्री टंक राम वर्मा…..

    October 3, 2026

    एशिया कप विजेता गीता यादव से मिले उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा….

    October 3, 2026

    वैश्विक निवेश मानचित्र पर छत्तीसगढ़ की मजबूत पहचान बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल, SING फोरम 2026 में सहभागिता के लिए सिंगापुर पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय…..

    October 3, 2026

    ‘डाट काली में मन्नत मांगकर आई हूं, तीसरी बार बनेगी भाजपा सरकार’ : बांसुरी स्वराज

    October 2, 2026
    विज्ञापन
    विज्ञापन
    हमसे जुड़ें
    • Facebook
    • Twitter
    • Pinterest
    • Instagram
    • YouTube
    • Vimeo
    अन्य ख़बरें

    सेवा संकल्प अभियान : 07 अक्टूबर को नगर में निकलेगी भव्य सेवा ज्योति यात्रा, केबिनेट मंत्री गजेन्द्र यादव ने अधिकारियों एवं नागरिकों के साथ की तैयारियों की समीक्षा….

    October 3, 2026

    मेहनत और लगन से प्रतिभाओं ने बढ़ाया परिवार व समाज का गौरव- उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा……

    October 3, 2026

    इतिहास रचने के लिए अटूट परिश्रम और निरंतर प्रयास ज़रूरी – मंत्री टंक राम वर्मा…..

    October 3, 2026

    एशिया कप विजेता गीता यादव से मिले उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा….

    October 3, 2026
    हमारे बारे में

    यह एक हिंदी वेब न्यूज़ पोर्टल है जिसमें ब्रेकिंग न्यूज़ के अलावा राजनीति, प्रशासन, ट्रेंडिंग न्यूज, बॉलीवुड, खेल जगत, लाइफस्टाइल, बिजनेस, सेहत, ब्यूटी, रोजगार तथा टेक्नोलॉजी से संबंधित खबरें पोस्ट की जाती है।

    Disclaimer - समाचार से सम्बंधित किसी भी तरह के विवाद के लिए साइट के कुछ तत्वों में उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत सामग्री ( समाचार / फोटो / विडियो आदि ) शामिल होगी स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक इस तरह के सामग्रियों के लिए कोई ज़िम्मेदार नहीं स्वीकार करता है। न्यूज़ पोर्टल में प्रकाशित ऐसी सामग्री के लिए संवाददाता / खबर देने वाला स्वयं जिम्मेदार होगा, स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक की कोई भी जिम्मेदारी नहीं होगी. सभी विवादों का न्यायक्षेत्र रायपुर होगा

    हमसे सम्पर्क करें
    संपादक -
    मोबाइल -
    ईमेल -
    कार्यालय -
    October 2026
    M T W T F S S
     1234
    567891011
    12131415161718
    19202122232425
    262728293031  
    « Sep    
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.