Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    Facebook X (Twitter) Instagram
    The DonThe Don
    • Home
    • देश
    • विदेश
    • राज्य
    • मध्यप्रदेश
      • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
    • छत्तीसगढ़
      • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
    • राजनीती
    • धर्म
    • अन्य खबरें
      • मनोरंजन
      • खेल
      • तकनीकी
      • व्यापार
      • करियर
      • लाइफ स्टाइल
    The DonThe Don
    Home»धर्म»4 नहीं बल्कि 5 सिर हुआ करते थे भगवान ब्रम्हा के, कहां गया उनका पांचवा सिर, पढ़ें पौराणिक कथा
    धर्म

    4 नहीं बल्कि 5 सिर हुआ करते थे भगवान ब्रम्हा के, कहां गया उनका पांचवा सिर, पढ़ें पौराणिक कथा

    News DeskBy News DeskDecember 9, 2024No Comments2 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr WhatsApp Email Telegram Copy Link
    4 नहीं बल्कि 5 सिर हुआ करते थे भगवान ब्रम्हा के, कहां गया उनका पांचवा सिर, पढ़ें पौराणिक कथा
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Pinterest Email

    हिंदू पुराणों के अनुसार, भगवान ब्रह्मा ने पूरी सृष्टि की रचना की थी. यह कार्य उन्हें भगवान शिव द्वारा सौंपा गया था. ब्रह्मा जी के चार सिरों को चार वेदों के प्रतीक के रूप में माना जाता है. पहले के समय में, उनके पास पांच सिर होते थे, और इन पांच सिरों से वह सभी दिशाओं में देख सकते थे. आइए जानते हैं कि उनका पांचवां सिर कहां चला गया और इसके पीछे की पौराणिक कथा के बारे में बता रहे हैं भोपाल निवासी ज्योतिषी एवं वास्तु सलाहकार पंडित हितेंद्र कुमार शर्मा.

    देवी सतरूपा की कथा
    पौराणिक कथाओं के अनुसार, ब्रह्मा जी ने सृष्टि के विकास के लिए एक बहुत सुंदर स्त्री की रचना की, जिसका नाम सतरूपा था. सतरूपा, ब्रह्मा जी की पुत्री होने के बावजूद इतनी सुंदर थीं कि ब्रह्मा जी उन पर मोहित हो गए. जब ब्रह्मा जी ने उन्हें देखा और उन्हें अपने पास लाने के लिए आगे बढ़े, तो देवी सतरूपा उनसे बचने के लिए हर दिशा में भागने लगीं.

    ब्रह्मा जी ने अपनी तीन नई सिरों की उत्पत्ति की ताकि वह हर दिशा से सतरूपा को देख सकें. फिर भी सतरूपा ने ऊपर की दिशा में दौड़ने की कोशिश की, लेकिन ब्रह्मा जी ने अपना एक और सिर ऊपर की ओर उत्पन्न कर लिया.

    भगवान शिव का क्रोध और पांचवां सिर
    पौराणिक कथा के अनुसार यह दृश्य भगवान शिव के लिए असहनीय था, क्योंकि सतरूपा ब्रह्मा जी की पुत्री थीं. शिव जी ने देखा कि ब्रह्मा जी की यह कुदृष्टि उन्हें ठीक नहीं लग रही थी. इस पर क्रोधित होकर, शिव ने अपने गण भैरव को भेजा और भैरव ने ब्रह्मा जी का पांचवां सिर काट दिया. इस घटना के बाद ब्रह्मा जी को अपनी गलती का अहसास हुआ और उन्होंने अपनी कुदृष्टि पर पछतावा जताया.

    शेयर करें :-

    • Share on Facebook (Opens in new window) Facebook
    • Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp
    • Share on X (Opens in new window) X
    • Share on Telegram (Opens in new window) Telegram
    News Desk

    Related Posts

    आज का राशिफल 2 जुलाई 2025

    July 2, 2025

    आज का राशिफल 1 जुलाई 2025

    July 1, 2025

    आज का राशिफल 28 जून 2025

    June 28, 2025

    आज का राशिफल 25 जून 2025

    June 25, 2025

    आज का राशिफल 24 जून 2025

    June 24, 2025

    आज का राशिफल 23 जून 2025

    June 23, 2025
    विज्ञापन
    विज्ञापन
    हमसे जुड़ें
    • Facebook
    • Twitter
    • Pinterest
    • Instagram
    • YouTube
    • Vimeo
    अन्य ख़बरें

    गुदुम बाजा और मोहरी की पारंपरिक धुनों से सजा ‘रंग-तरंग’ का दूसरा दिन, लोकवाद्यों की सुरमयी प्रस्तुतियों ने बिखेरा छत्तीसगढ़ी संस्कृति का रंग, लोक कलाकारों और बच्चों का हुआ उत्साहवर्धन……

    September 2, 2026

    माइनिंग से हाई-वैल्यू मैन्युफैक्चरिंग तक, छत्तीसगढ़ लगा रहा दांव….

    September 2, 2026

    मितानिन बहनें छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य तंत्र की मजबूत और महत्वपूर्ण कड़ी: मंत्री राजेश अग्रवाल….

    September 2, 2026

    दक्षिण भारत के पर्यटन बाजार में छत्तीसगढ़ ने बढ़ाया कदम: छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के चेन्नई रोड शो में टूर ऑपरेटर्स से सीधा संवाद, छत्तीसगढ़ भ्रमण के लिए पर्यटकों को जोड़ने पर जोर….

    September 2, 2026
    हमारे बारे में

    यह एक हिंदी वेब न्यूज़ पोर्टल है जिसमें ब्रेकिंग न्यूज़ के अलावा राजनीति, प्रशासन, ट्रेंडिंग न्यूज, बॉलीवुड, खेल जगत, लाइफस्टाइल, बिजनेस, सेहत, ब्यूटी, रोजगार तथा टेक्नोलॉजी से संबंधित खबरें पोस्ट की जाती है।

    Disclaimer - समाचार से सम्बंधित किसी भी तरह के विवाद के लिए साइट के कुछ तत्वों में उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत सामग्री ( समाचार / फोटो / विडियो आदि ) शामिल होगी स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक इस तरह के सामग्रियों के लिए कोई ज़िम्मेदार नहीं स्वीकार करता है। न्यूज़ पोर्टल में प्रकाशित ऐसी सामग्री के लिए संवाददाता / खबर देने वाला स्वयं जिम्मेदार होगा, स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक की कोई भी जिम्मेदारी नहीं होगी. सभी विवादों का न्यायक्षेत्र रायपुर होगा

    हमसे सम्पर्क करें
    संपादक -
    मोबाइल -
    ईमेल -
    कार्यालय -
    September 2026
    M T W T F S S
     123456
    78910111213
    14151617181920
    21222324252627
    282930  
    « Aug    
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.