Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    Facebook X (Twitter) Instagram
    The DonThe Don
    • Home
    • देश
    • विदेश
    • राज्य
    • मध्यप्रदेश
      • मध्यप्रदेश जनसंपर्क
    • छत्तीसगढ़
      • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
    • राजनीती
    • धर्म
    • अन्य खबरें
      • मनोरंजन
      • खेल
      • तकनीकी
      • व्यापार
      • करियर
      • लाइफ स्टाइल
    The DonThe Don
    Home»राज्य»मध्यप्रदेश»जलवायु परिवर्तन को रोकने जमीनी स्तर पर व्यवहार में लाना होगा बदलाव
    मध्यप्रदेश

    जलवायु परिवर्तन को रोकने जमीनी स्तर पर व्यवहार में लाना होगा बदलाव

    News DeskBy News DeskOctober 28, 2024No Comments3 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr WhatsApp Email Telegram Copy Link
    जलवायु परिवर्तन को रोकने जमीनी स्तर पर व्यवहार में लाना होगा बदलाव
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Pinterest Email

    भोपाल : जलवायु परिवर्तन को रोकने के लिये जमीनी स्तर पर व्यवहार में बदलाव लाने की जरूरत है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा पंचामृत की जो बात कही गई है, उसका पालन सभी को करना चाहिए। भारत हमेशा प्रॉब्लम सॉल्वर के रूप में सामने आया है। विषय-विशेषज्ञों ने इस तरह के विचार “जलवायु परिवर्तन के लिये वैश्विक प्रयास – भारत की प्रतिबद्धता में राज्यों का योगदान” पर हुई संगोष्ठी में “इंडियाज पर्सपेक्टिव ऑन क्लाइमेट चेंज और पॉजिटिव एफर्टस् फॉर क्लाइमेट प्रोटेक्शन एट नेशनल एण्ड इंटरनेशनल लेवल्स पर हुए पैनल डिस्कशन” में व्यक्त किये।

    क्लाइमेट जस्टिस जरूरी

    सेवानिवृत्त आईएएस रविशंकर प्रसाद ने कहा कि कार्बन बाजारों में प्रवेश के लिये ठोस फ्रेमवर्क बनाने की जरूरत है। इससे प्राकृतिक खेती और सतत् वन विकास एवं पर्यावरणीय प्रयासों को वित्तीय सहायता मिल सकेगी। उन्होंने कहा कि यह कदम न केवल पर्यावरण अनुकूल प्रथाओं को प्रोत्साहित करेगा बल्कि भारत को वैश्विक हरित अर्थव्यवस्था में एक महत्वपूर्ण भूमिका में स्थापित करेगा। प्रसाद कहा कि जलवायु परिवर्तन का सबसे अधिक प्रभाव गरीबों पर पड़ता है, अत: क्लाइमेट जस्टिस जरूरी है।

    बनायें नेचर वॉलेंटियर्स

    वरिष्ठ पत्रकार की अभिलाषा खांडेकर ने कहा कि जमीनी स्तर पर बदलाव लाने के लिये नेचर वॉलेंटियर्स बनाने की जरूरत है। पानी का सदुपयोग करें। उन्होंने कहा कि क्लाइमेट चेंज को रोकने के व्यवहार में परिवर्तन जरूरी है।

    एक भी बूंद पानी का नहीं छोड़ता

    आईआईएफएम के प्रोफेसर डॉ. योगेश दुबे ने कहा कि क्लाइमेट चेंज को रोकने के लिये भारत सरकार ने बड़ी तेजी से कदम आगे बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि मैं स्वयं ग्लास में एक भी बूंद पानी की नहीं छोड़ता। दुबे ने कहा कि स्वाइल हेल्थ कार्ड बनाने का कार्यक्रम बहुत महत्वपूर्ण है। वनीकरण और हाइड्रोजन फ्यूल के उपयोग को बढ़ावा देना क्लाइमेट चेंज को रोकने में मददगार साबित होंगे। टाइम्स ऑफ इंडिया के वरिष्ठ पत्रकार विश्वमोहन ने कहा कि सभी को मिलकर समग्र प्रयास करने की जरूरत है। वैज्ञानिक एवं प्रौद्योगिकी परिषद के महानिदेशक डॉ. अनिल कोठारी ने कहा कि जलवायु परिवर्तन और प्राचीन पर्यावरणीय संरचनाओं पर गहराई से अध्ययन करने की योजना बनाई गई है। इसमें बारिश को प्रभावित करने वाले वायुकणों का अध्ययन, जलवाष्प का विश्लेषण जैसे विषयों को शामिल किया गया है।

    संचालक अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान राजेश गुप्ता ने कहा कि यहां जो चर्चाएं हुई हैं, वह दूर तलक जायेंगी। यह एक शुरूआत है, हम जरूर कामयाब होंगे। नर्मदा समग्र के चीफ एक्जीक्यूटिव कार्तिक सप्रे ने कहा कि “मैं से हम और हम से सब” के सूत्र पर काम कर रहे हैं। नदी केवल एक बहता पानी नहीं है बल्कि यह एक सजीव है। पैरवी के डायरेक्टर अजय झा ने कहा कि जलवायु परिवर्तन पर पहली बार मध्यप्रदेश में राज्य स्तर पर अंतर्राष्ट्रीय विषय पर सार्थक चर्चा की गई। इस दौरान अन्य वक्ताओं ने भी महत्वपूर्ण सुझाव दिये।

    शेयर करें :-

    • Share on Facebook (Opens in new window) Facebook
    • Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp
    • Share on X (Opens in new window) X
    • Share on Telegram (Opens in new window) Telegram
    News Desk

    Related Posts

    छह नवंबर को दून आएंगे अमित शाह, उत्तराखंड पुलिस को देंगे राष्ट्रपति पुलिस कलर।

    October 24, 2026

    छह नवंबर को दून आएंगे अमित शाह, उत्तराखंड पुलिस को देंगे राष्ट्रपति पुलिस कलर।

    October 24, 2026

    उत्तराखंड के 500 नर्सिंगकर्मियों को विदेश में रोजगार दिलाने की तैयारी।

    October 24, 2026

    अखिलेश के बयान पर धामी का पलटवार, बोले- उत्तराखंडियों का अपमान बर्दाश्त नहीं।

    October 24, 2026

    सरकारी कर्मचारियों के जमीन के लेनदेन पर सख्ती, पूर्व अनुमति जरूरी।

    October 24, 2026

    सरकारी कर्मचारियों के जमीन के लेनदेन पर सख्ती, पूर्व अनुमति जरूरी।

    October 24, 2026
    विज्ञापन
    विज्ञापन
    हमसे जुड़ें
    • Facebook
    • Twitter
    • Pinterest
    • Instagram
    • YouTube
    • Vimeo
    अन्य ख़बरें

    छह नवंबर को दून आएंगे अमित शाह, उत्तराखंड पुलिस को देंगे राष्ट्रपति पुलिस कलर।

    October 24, 2026

    छह नवंबर को दून आएंगे अमित शाह, उत्तराखंड पुलिस को देंगे राष्ट्रपति पुलिस कलर।

    October 24, 2026

    उत्तराखंड के 500 नर्सिंगकर्मियों को विदेश में रोजगार दिलाने की तैयारी।

    October 24, 2026

    अखिलेश के बयान पर धामी का पलटवार, बोले- उत्तराखंडियों का अपमान बर्दाश्त नहीं।

    October 24, 2026
    हमारे बारे में

    यह एक हिंदी वेब न्यूज़ पोर्टल है जिसमें ब्रेकिंग न्यूज़ के अलावा राजनीति, प्रशासन, ट्रेंडिंग न्यूज, बॉलीवुड, खेल जगत, लाइफस्टाइल, बिजनेस, सेहत, ब्यूटी, रोजगार तथा टेक्नोलॉजी से संबंधित खबरें पोस्ट की जाती है।

    Disclaimer - समाचार से सम्बंधित किसी भी तरह के विवाद के लिए साइट के कुछ तत्वों में उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत सामग्री ( समाचार / फोटो / विडियो आदि ) शामिल होगी स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक इस तरह के सामग्रियों के लिए कोई ज़िम्मेदार नहीं स्वीकार करता है। न्यूज़ पोर्टल में प्रकाशित ऐसी सामग्री के लिए संवाददाता / खबर देने वाला स्वयं जिम्मेदार होगा, स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक, संपादक की कोई भी जिम्मेदारी नहीं होगी. सभी विवादों का न्यायक्षेत्र रायपुर होगा

    हमसे सम्पर्क करें
    संपादक -
    मोबाइल -
    ईमेल -
    कार्यालय -
    October 2026
    M T W T F S S
     1234
    567891011
    12131415161718
    19202122232425
    262728293031  
    « Sep    
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • Home
    • About Us
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.